इस्लामाबाद, 14 मई (आईएएनएस)। तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने खंडन किया था कि इमरान खान ने एक विदेशी कंपनी के जरिए लंदन में फ्लैट खरीदा था। इस बयान के एक दिन बाद पार्टी प्रमुख ने स्वीकार किया कि उन्होंने 1983 में फ्लैट खरीदने के लिए एक विदेशी कंपनी बनाई थी, ताकि ब्रिटिश करों से बचा जा सके।
डॉन की वेबसाइट के अनुसार, इमरान ने शुक्रवार को कहा कि जब वह खिलाड़ी थे, उन दिनों उनके लेखपाल की सलाह पर करों से बचने के लिए उन्होंने फ्लैट खरीदने हेतु एक विदेशी कंपनी बनाई थी।
खान ने कहा, “मैं वहां पहले ही अपनी आय का 35 प्रतिशत कर के रूप में अदा कर रहा था। चूंकि मैं ब्रिटिश नागरिक नहीं था, इसलिए अतिरिक्त कर से बचने के लिए मैंने एक विदेशी कंपनी के जरिए फ्लैट खरीदा जो मेरा अधिकार था।”
पीटीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि खान ने एक कानूनी विदेशी कंपनी बनाई, जिसने फ्लैट खरीदा।
पाकिस्तानी टीवी, जियो न्यूज से बातचीत में पीटीआई प्रवक्ता नीमउल हक ने अपना पहले का बयान वापस ले लिया।
हक ने कहा, “मैं उस समय लंदन में इमरान खान का बैंक प्रबंधक था। फ्लैट खरीदने के लिए उनके लेखापाल ने एक कंपनी बनाई थी।”
उन्होंने कहा कि जब फ्लैट बिका तो इमरान खान पैसे पाकिस्तान ले आए।
इस बीच रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कोई विदेशी कंपनी होने से बार-बार मना करने के लिए इमरान खान की आलोचना की।
बावजूद इसके प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने ट्वीट कर इमरान खान को विदेशी कंपनियों का ‘मार्ग दर्शक’ बताया है।
पनामा पेपर लीक के बाद खान ने विदेशी कंपनी खोलने और उससे लाभ उठाने के लिए शरीफ और उनके परिवार की आलोचना की थी।
अन्य नेताओं के साथ खान ने इस मामले में क्लीन चिट मिलने तक शरीफ से इस्तीफे की मांग की थी।
सिर्फ दो दिन पहले एक सार्वजनिक रैली में खान ने कहा था कि पनामा पेपर लीक ने यह उजागर कर दिया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कितने भ्रष्ट हैं।
dharmpath.com dharmpath