मुंबई, 14 मई (आईएएनएस)। भारतीय उद्योगों के तिमाही नतीजों की अगली खेप, वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी पोर्टफोलियों निवेश (एफपीआई), घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई), डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों का स्तर अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजारों की चाल तय करेंगे।
एशियाई बाजार, जिसमें भारतीय शेयर बाजार भी शामिल हैं, सोमवार 16 मई, 2016 को चीन के अप्रैल 2016 के औद्योगिक उत्पादन आंकड़े के प्रदर्शन पर निर्भर करेंगे, जो शनिवार को आएंगे।
वहीं निवेशकों की नजर भारतीय उद्योगों के चौथी तिमाही के नतीजों की अगली खेप पर भी है, जिसमें पंजाब नेशनल बैंक, ल्यूपिन, आईटीसी आदि के आंकड़े शामिल हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के शेयरों पर महीने के मध्य में ईधन की कीमतों की समीक्षा का असर पड़ेगा।
वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों से शेयर बाजार प्रभावित होंगे। असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के नतीजे गुरुवार को आएंगे। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए ये नतीजे बेहद अहम हैं, क्योंकि राज्यसभा में उनका बहुमत नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आर्थिक सुधार का एजेंडा आगे नहीं बढ़ पा रहा है और प्रमुख विधेयक जीएसटी भी अटका हुआ है।
मैक्रो इकॉनॉमिक आंकड़ों में मुद्रास्फीति आधारित थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के अप्रैल 2016 के आंकड़े बाजार की चाल तय करेंगे। सरकार ये आकंड़े 16 मई, 2016 सोमवार को जारी करने वाली है। मार्च 2016 में डब्ल्यूपीआई नकारात्मक 0.85 फीसदी रहा था, जबकि फरवरी 2016 में यह नकारात्मक 91 फीसदी था।
वैश्विक मोर्चे पर जापान के औद्योगिक उत्पादन के मार्च 2016 के आंकड़े मंगलवार को जारी होनेवाले हैं। इसी दिन यूरोजोन के मार्च 2016 के कारोबार के आंकड़े भी आएंगे। वहीं, गुरुवार को अमेरिका की बेरोजगारी दर के 13 मई, 2016 को खत्म हुए सप्ताह के आंकड़े भी आएंगे, जो भारतीय बाजार को प्रभावित करेंगे।
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