मुंबई, 15 मई (आईएएनएस)। अगले सप्ताह भारतीय कंपनियों की चौथी तिमाही के नतीजों, प्रमुख घरेलू आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
मुंबई, 15 मई (आईएएनएस)। अगले सप्ताह भारतीय कंपनियों की चौथी तिमाही के नतीजों, प्रमुख घरेलू आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
जाइफिन एडवाइजर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नेवगी ने आईएएनएस को बताया, “बाजार का रुख मिला-जुला रहेगा। मॉरीशस से कर संधि में बदलाव का प्रभाव, विशेष रूप से इसके विदेशी निवेश पर पड़ने वाले प्रभावों की विस्तृत जानकारी के बाद इसका रुख तय होगा। “
बीते हफ्ते भारत और मॉरीशस के बीच कर संधि में संशोधन ने निवेशकों में चिंता पैदा की थी। इससे विदेशी पूंजी के भारतीय बाजारों से बाहर जाने की आशंका पैदा हुई है।
मॉरीशस के साथ भारत के दोहरे कराधान बचाव समझौते (डीटीएए) में संशोधनों का निवेशक गहनता से अध्ययन कर रहे हैं। भारत के बाजार में निवेश के लिए मारीशस प्रमुख स्रोत की भूमिका निभाता रहा है।
आगामी सप्ताह में पंजाब नेशनल बैंक, ल्युपिन, जेएसडब्ल्यू स्टील, भारत फोर्ज, वोल्टास, सिंडीकेट बैंक, युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कॉरपोरेशन बैंक, जे.के. टायर एंड इंडस्ट्रीज अपने चौथी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर सकते हैं। इन पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
एंजेल ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख शोधकर्ता वैभव अग्रवाल के मुताबिक, “निवेशक भारतीय कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजों पर करीब से नजर बनए रखेंगे।”
उनके मुताबिक, “निकट अवधि में वैश्विक बाजारों के रुझान, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के निवेश और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का भारतीय शेयर बाजार पर प्रभाव पड़ेगा।”
जियोजित बीएनपी परिबास फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स के मुताबिक, 18 मई को जारी होने वाले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) के विवरण का भी बाजार पर असर पड़ेगा।
अमेरिकी एफओएमसी से अमेरिका में ब्याज दरों के भविष्य का संकेत मिलेगा। ब्जाय दर में बढ़ोतरी का असर भारत जैसे उभरते बाजारों से निवेशकों के दूर भागने की शक्ल में आ सकता है।
एफओएमसी के अलावा, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) जैसे प्रमुख आर्थिक आंकड़ें जारी होंगे, जिनके आधार पर भी निवेशक अपना रुख तय करेंगे।
इसके अलावा, निवेशकों को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम के पूर्वानुमान का इंतजार है। आईएमडी 15 मई को अपना अनुमान जारी कर सकता है।
जेम्स के मुताबिक, “मानसून के आगमन का बाजार पर व्यापक असर पड़ेगा, क्योंकि सभी ने मानसून अच्छा रहने की उम्मीद जताई है।”
गौरतलब है कि सकारात्मक घरेलू संकेतों, संसद द्वारा मुख्य आर्थिक विधेयक को मंजूरी देने, अच्छे निवेश की वजह से पिछले सप्ताह बाजार मजबूती के साथ बंद हुए हैं।
13 मई को समाप्त हुए सप्ताह में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का संवेदी सूचकांक निफ्टी 81.45 अंकों यानी 1.05 प्रतिशत की मजबूती के साथ 7,814.90 अंकों के साथ बंद हुआ।
इसी तरह सेंसेक्स 261.07 अंकों यानी 1.03 प्रतिशत की मजबूती के साथ 25,489.57 अंकों पर बंद हुआ।
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