जबलपुर, 15 मई (आईएएनएस)। नर्मदा नदी के जल एवं पथ के शुद्धिकरण, संरक्षण व संवर्धन के लिए मध्यप्रदेश के जबलपुर में चल रहे नर्मदा जल सत्याग्रह आंदोलन को आध्यात्मिक, राजनीतिक व सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है और सभी ने एक मत होकर 21 मई को जबलपुर बंद का ऐलान किया है।
नर्मदा नदी के शुद्धिकरण के लिए समर्थ भैय्याजी सरकार द्वारा किए जा रहे सत्याग्रह के समर्थन में रविवार को तमाम राजनीतिक, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग एक साथ सामने आए।
संवाददाताओं से चर्चा करते हुए भैय्याजी सरकार ने कहा कि नर्मदा नदी को बचाने से पहले इसे बेचना बंद किया जाए। उनका आशय नदी के दोहन और खनन से है।
उन्होंने कहा कि जीवनदायिनी नदियों को बचाने के लिए देव उठनी ग्यारस (एकादशी) से जन जागरण यात्रा शुरू करने जा रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यात्रा पर बाद में बाद में निकलें, पहले नदी के दोहन, खनन का कार्य देव शयनी ग्यारस से पहले बंद कराएं।
भैय्याजी सरकार ने आगे कहा कि शिवराज अपना दायित्व निभाएं, मां नर्मदा के परिक्रमा पथ में अवैध अंधाधुंध हो रहे रेत खनन, वनों की कटाई, जल एवं तटों को बेचने का कार्य पहले बंद कराएं, फिर अमरकंटक से जन जागरण यात्रा शुरू करें।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा की खातिर जनजागरण यात्रा शुरू करने का ऐलान किया है।
इधर, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने 21 मई को जबलपुर बंद का फैसला लिया है।
नर्मदा मिशन के विशाल तिवारी, शिव यादव, निलेश रावल जनता दल (युनाइटेड) के जी़ पी़ पाण्डे, रामरतन, संजय जैन गीतासरद तिवारी (कांग्रेस), राजेश सोनकर (नेता प्रतिपक्ष), राजेश यादव (कांग्रेस पार्षद), दिलीप पटेल (शिवसेना जिला अध्यक्ष), शैलेंद्र सिंह ठाकुर (नर्मदा संदेश), डॉ़ ऋषि सागर (युवा क्रांति), अमरेश पण्डे (सेवा भारती संगठन), राजेंद्र गुप्ता (भाकपा जिला अध्यक्ष), डॉ़ पूनम प्रसाद (आम आदमी पार्टी), एऩ चक्रवर्ती (माकपा जिला सचिव), रवि गुप्ता (चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष) के अलावा राधा कृष्णन, राजेंद्र गुप्ता, दीना ठाकुर व विजय चोकसे ने जबलपुर बंद का समर्थन किया है।
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