अगरतला, 15 मई (आईएएनएस)। उत्तरी त्रिपुरा के कंचनपुर में रविवार को अपने समुदाय के एक व्यक्ति द्वारा खुदकुशी के बाद नाराज जनजातीय शरणार्थियों ने स्थानीय लोगों के लगभग 10 घरों को आग के हवाले कर दिया। ये जनजातीय शरणार्थी मूल रूप से मिजोरम के रहने वाले हैं। पुलिस ने कहा है कि इलाके में तनाव है।
अगरतला से 175 किलोमीटर दूर, कंचनपुर में एक शरणार्थी शिविर में रहने वाले एक आदिवासी ने कथित तौर पर स्थानीय लोगों द्वारा पीटे जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया मृतक भृगुराम रियांग (36) ने स्थानीय लोगों द्वारा पीटे जाने के बाद कथित तौर पर रविवार को आत्महत्या कर ली। उस पर आरोप था कि मालिक से अनुमति लिए बिना वह एक तालाब से मछली पकड़ रहा था।
त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जवानों के एक बड़े दल के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल की ओर रवाना हुए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) अनुराग स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
पिछले 19 सालों से उत्तरी त्रिपुरा में सात अस्थायी शिविरों में लगभग 31,000 रियांग या ‘ब्रू’ जनजातीय समुदाय के लोग रह रहे हैं। मिजोरम में एक मिजो वन अधिकारी की हत्या के बाद फैले जातीय तनाव की वजह से इन्हें मिजोरम छोड़ना पड़ा था।
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