नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने सोमवार को कहा कि हर साल राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के आयोजन को लेकर केंद्र सरकार को राज्यों के साथ अतिरिक्त विचार-विमर्श करने की जरूरत है।
सबके लिए समान मेडिकल प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के आयोजन को लेकर राज्यों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उस पर नड्डा ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक में इस पर चर्चा की।
राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में नड्डा ने कहा, “हमें एनईईटी के मुद्दे पर राज्य सरकारों के साथ अतिरिक्त चर्चा की जरूरत पड़ेगी। आज हमने भाषा, पाठ्यक्रम और राज्य मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को लेकर चिंताओं पर चर्चा की।”
उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों ने उन्हें सूचित किया है कि एनईईटी को पूरे देश में हकीकत में बदलने से पहले राज्य मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों का दुख दूर करने की जरूरत है।
नड्डा ने कहा, “सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ यह एक सकारात्मक बैठक थी। हमें पूरे देश में एनईईटी हो उसके पहले राज्यों की सारी समस्याओं का समाधान करना होगा।”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि जब वे किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाएंगे, उसके बाद ही सर्वोच्च न्यायालय को राज्य सरकारों की आशंकाओं से अवगत कराएंगे।
पिछले माह सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया था कि मेडिकल के पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए भारत में एनईईटी ही एकमात्र परीक्षा होगी। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने कई राज्य सरकारों की अलग से मेडिकल की प्रवेश परीक्षा कराने की अपील खारिज कर दी थी।
dharmpath.com dharmpath