नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार गृह मंत्रालय के अवर सचिव आनंद जोशी को निलंबित कर दिया गया है। जोशी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 15 मई को गिरफ्तार किया था। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई के समन के बाद जोशी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित अपने आवास से लापता हो गए थे। एजेंसी ने उन्हें पश्चिमी दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
इसके पहले गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि जोशी हाल में विदेशी संभाग में तैनात किए गए थे। उन्हें फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) से जुड़ी फाइलें देखनी थीं।
कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं का पक्ष लेने के लिए उन पर रिश्वत लेने का आरोप था। पिछले कई माह से उन पर नजर रखी जा रही थी।
जोशी पर अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी संलिप्त रहने का आरोप है। इनमें विदेश से पर्याप्त सहायता पाने वाली एफसीआरए के तहत पंजीकृत बड़ी संख्या में स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सोसाइटियों को मनमाने ढंग से नोटिस जारी करने का मामला भी है।
जोशी मंत्रालय से कुछ महीने पहले गुम हुईं तीस्ता सीतलवाड़ की स्वयंसेवी संस्था सबरंग ट्रस्ट की कुछ फाइलों के मामले में भी आरोपी हैं। ये फाइलें बाद में जोशी के पास से बरामद कर ली गईं थीं।
जोशी के साथ कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी आपराधिक साजिश रचने की भारतीय दंड संहिता की धारा और भ्रष्टाचार निरोधक कानून, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि, जोशी ने कई स्वयंसेवी संस्थाओं को क्लीन चिट देने के आरोप से इनकार किया है।
सूत्र ने कहा कि सरकार ने कथित रूप से एफसीआरए नियमों के उल्लंघन एवं निधि के दुरुपयोग को लेकर वर्ष 2015 में सबरंग ट्रस्ट का लाइसेंस निलंबित कर दिया था।
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