पटना, 21 मई (आईएएनएस)। राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्रहार करते हुए राजद सांसद तस्लीमुद्दीन ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी को सत्ताधारी महागठबंधन से बाहर हो जाना चाहिए। महागठबंधन में राजद, जद (यू) और कांग्रेस शामिल हैं।
पूर्व विवादास्पद केंद्रीय मंत्री तस्लीमुद्दीन ने संवाददाताओं से कहा, “इस महागठबंधन का कोई औचित्य नहीं है। राजद को इससे नाता तोड़ लेना चाहिए। व्यक्तिगत रूप से मैं भी चाहता हूं कि यह टूट जाए, लेकिन अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद को लेना है।”
अररिया से लोकसभा सदस्य तस्लीमुद्दीन ने कहा कि सचमुच राज्य में ‘जंगलराज’ है और इस तरह बढ़ रहे अपराध पहले कभी नहीं देखे गए।
उन्होंने कहा, “कानून-व्यवस्था बनाए रखना नीतीश कुमार का कत्र्तव्य है। अगर कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरी तो मैं आन्दोलन शुरू करूंगा।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तो छोड़ दीजिए, नीतीश कुमार मुखिया होने लायक भी नहीं हैं।
तस्लीमुद्दीन ने शुक्रवार को राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में विफल होने पर नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग की थी।
पहले राजद के उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रभुनाथ सिंह भी नीतीश कुमार पर निशाना साध चुके हैं।
प्रभुनाथ सिंह ने कहा, “अगर शहाबुद्दीन (जेल में बंद अपराधी राजद नेता) जेल में जनता दरबार लगा रहे थे तो यह सरकार की प्रशासनिक कमजोरियों को दर्शाता है। अगर दरबार नियमित रूप से लग रहा था तो अधिकारी क्या कर रहे थे?”
जनता दल (युनाइटेड) के नेताओं ने राजद के नेताओं पर जवाबी हमला करते हुए कहा कि तस्लीमुद्दीन, रघुवंश और प्रभुनाथ पर लालू प्रसाद को जरूर शिकंजा कसना चाहिए।
dharmpath.com dharmpath