रांची, 23 मई (आईएएनएस)। भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) के तीन सदस्यी दल ने टीवी पत्रकार अखिलेश सिंह उर्फ इंद्रदेव यादव की हत्या की जांच करने के लिए सोमवार को झारखंड के चतरा जिले का दौरा किया।
दल के सदस्यों ने हत्या की जांच के बारे में पता लगाने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं पत्रकार संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
हत्या का कारण रहस्यमय बनता जा रहा है।
एक स्थानीय टीवी पत्रकार अखिलेश की यहां 12 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस घटना में नया बयान यह है कि नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) ने हत्या में अपना हाथ होने से इनकार किया है। उसका कहना है कि लोग गलत ढंग से उसके सदस्यों को फंसा रहे हैं।
पुलिस ने 17 मई को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक गणेश गंझू के सहयोगी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस का दावा है कि पत्रकार से सात लाख रुपये रंगदारी मांगी गई थी, क्योंकि उसका एक रिश्तेदार निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ था। रंगदारी देने से इनकार करने की वजह ही हत्या का कारण बना।
सिमरिया से भाजपा विधायक गंणेश गंझू ने हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है।
पुलिस ने पांच अभियुक्तों में गंझू के प्रतिनिधि सूरज साव, झामन साव एवं बीरबल साव को गिरफ्तार किया है। हत्या की साजिश रचने वाला मुकेश गंझू और गोली मारने वाला मुनेश गंझू अभी फरार हैं।
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