सूत्रों के मुताबिक, उप्र के कई शहरों में इसी महीने बजरंग दल कार्यकर्ताओं के लिए ट्रेनिंग कैंप लगाए जाएंगे। बजरंग दल की योजना पांच जून से पहले सुल्तानपुर, गोरखपुर, पीलीभीत, नोएडा व फतेहपुर में ऐसे कैंप आयोजित करने की है।
इन कैंपों में बजरंग दल कार्यकर्ताओं को न केवल राइफल चलाने, तलवारबाजी व अन्य हथियारों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि हमले से बचना भी सिखाया जाएगा, मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
गौरतलब है कि अयोध्या में कार्यकर्ताओं को राइफल चलाने, तलवारबाजी और लाठियां भांजने की ट्रेनिंग देने के लिए कैंप आयोजित करने का मामला तूल पकड़ चुका है। इसको लेकर प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। इस पूरी कवायद को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
उधर, सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के नेताओं व मौलानाओं ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं को हथियारों की ट्रेनिंग दिए जाने को आपत्तिजनक बताया है और इसकी कड़ी निंदा की है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अयोध्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को राइफल चलाने की ट्रेनिंग दिए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा था कि अगर मुस्लिम संगठन इस तरह के ट्रेनिंग कैंप लगाते तो क्या होता, शायद आसमान टूट कर गिर पड़ता।
ओवैसी ने ट्वीट कर यह बात कही थी और आगे लिखा था कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को हिंदुओं को सुरक्षित रखने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। हिंदुओं पर कौन सा खतरा आ गया है, इन ‘जोकरों’ को बॉर्डर पर भेज देना चाहिए।
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