पिनाराई विजयन ने सरकार पर बनाई मजबूत पकड़

तिरुवनंतपुरम, 26 मई (आईएएनएस)। केरल में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का लाल झंडा ऊंचा लहरा रहा है और राज्य पर पिनाराई विजयन ने नियंत्रण हासिल कर लिया है। प्रभार ग्रहण करने के बाद कुछ ही घंटों में राज्य के मुख्यमंत्री व अनुभवी कम्युनिस्ट नेता ने सरकार पर अपने प्रभाव की छाप छोड़ दी। मंत्रिमंडल के ऊंचे ओहदे अपने पसंदीदा लोगों को दिए और गृह एवं निगरानी का विभाग खुद रखा।

तिरुवनंतपुरम, 26 मई (आईएएनएस)। केरल में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का लाल झंडा ऊंचा लहरा रहा है और राज्य पर पिनाराई विजयन ने नियंत्रण हासिल कर लिया है। प्रभार ग्रहण करने के बाद कुछ ही घंटों में राज्य के मुख्यमंत्री व अनुभवी कम्युनिस्ट नेता ने सरकार पर अपने प्रभाव की छाप छोड़ दी। मंत्रिमंडल के ऊंचे ओहदे अपने पसंदीदा लोगों को दिए और गृह एवं निगरानी का विभाग खुद रखा।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि चुनाव को छोड़कर, विजयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह हैं। विजयन की भी सरकार और पार्टी दोनों पर मजबूत पकड़ है।

विजयन माकपा के 18 साल तक राज्य सचिव रहे। जब उन्होंने वर्ष 2015 में पद छोड़ा तो पार्टी उनके नियंत्रण में आ चुकी थी और वह निर्विवाद नेता बन चुके थे। विजयन ने ही वर्ष 2016 के केरल विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन किया था इस पर तब किसी को आश्चर्य नहीं हुआ था। शेष तो इतिहास बन चुका है। राज्य के 140 सदस्यीय विधानसभा में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा(एलडीएफ) ने 91 सीटें जीतीं।

विजयन की प्रधानता के साथ पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन की शक्ति समाप्त हो गई है। 90 साल से अधिक उम्र के अच्युतानंदन हो सकता है कि नाराज हों लेकिन उन्हें अब इस वास्तविकता के साथ जीना होगा।

विजयन ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को चुनने में यह सुनिश्चित किया कि अंतिम फैसला उन्हीं का चलेगा। इससे पहले कि वाम मोर्चे की सरकार के विभागों का बंटवारा समुदाय के नेताओं की मांग पर जाति और धर्म के आधार पर हुआ था। विजयन ने यह सुनिश्चित किया कि इस बार वह ऐसे किसी विवाद में नहीं फंसे। संदेश स्पष्ट है-वह नेता हैं और अन्य लोगों को उनका अनुसरण करना है।

विजयन के सबसे करीबी सहयोगी टी. पी. रामाकृष्णन को उत्पाद मंत्रालय मिला है। ई. पी. जयराजन को उद्योग, ए. सी. मोइदीन को सहकारिता एवं पर्यटन दिया गया है।

अपना प्रभुत्व बनाए रखने के लिए विजयन ने कई शीर्ष नेताओं को अपने मंत्रिमंडल से बाहर रखा है। इन नेताओं में राज्य सचिवालय के सदस्य एम. एम मानी, लोकप्रिय विधायक सुरेश कुरूप, राजू अब्राहम और पूर्व मंत्री एस. शर्मा शामिल हैं। मोर्चे की दूसरी सबसे बड़ी घटक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को जो भी विभाग दिया गया वह उसी से संतुष्ट हैं।

विजयन ने अपने मंत्रियों को निर्देश दियाोहै कि उन्हें हफ्ते में पांच दिन मौजूद रहना है। इसके साथ ही मंत्रालय के लिए वे जो कर्मचारी चुनें वे युवा एवं ऊर्जावान हों, ऐसा कोई नहीं हो जिसकी उम्र 60 साल से अधिक हो।

इस तरह से विजयन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वही एकमात्र बॉस हैं इसमें किसी को कोई संदेह नहीं रहना चाहिए।

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