इसके लिए शनिवार को बुंदेलखंड में झांसी के गांधी सभागार में जिलाधिकारी ने बैठक करते हुए दिशा निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी अजय शुक्ला की अध्यक्षता में भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण संख्या-25 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर हो रहे अवैध निर्माण हटाए जाने के संबंध में बैठक हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर आरओडब्लू एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगे पिलर तक किसी भी प्रकार निर्माण कार्य नहीं किया जाए। नए आवासीय और रिहायशी मकान एवं किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए नक्शे की स्वीकृति देने से पूर्व एनएचएआई एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुरुप एनओसी दी जाए। यदि एनओसी के बिना निर्माण कार्य किया गया तो वह अवैध माना जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने इस नियम को ग्राम पंचायत स्तर पर भी पहंचाने के लिए प्रचार-प्रसार कराने का सुझाव दिया।
जिलाधिकारी ने उप महाप्रबंधक-सह परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देश देते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने उरई क्षेत्र में 70 और ललितपुर क्षेत्र में 40 अवैध निर्माणकारियों को नोटिस भेजे हैं,उसी प्रकार झांसी जनपद के आस-पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध निर्माण कार्य करने वालों को चिह्रित कर कार्रवाई करें।
गांधी सभागार में हुई बैठक के दौरान एनएचएआई के उपमहाप्रबन्धक-सह-परियोजना निदेशक पुरुषोत्तम लाल चैधरी ने बताया कि एनएचएआई-25 झांसी-उरई खंड में झांसी हंसराज मार्डन स्कूल से शुरू होते हुए उरई, जालौन के संकट मोचन तक एवं एनएचएआई-26 झांसी-ललितपुर खंड में अवैध रुप से ढाबे, होटलों और कई अनाधिकृत प्रॉपर्टी विकसित हो रही है, जो अवैध है। इन अवैध निर्माण के कारण ही दुर्घटनाए हो रही हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी रमाशंकर गुप्त, एसडीएम सदर निखित फुंडे, एसडीएम मोंठ आर.के गुप्ता, तहसीलदार राजेंद्र बहादुर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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