इस मौके पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित बसपा के सभी विधायक और नेता मौजूद रहे।
बसपा के सभी प्रत्याशी और बड़े नेता शनिवार सुबह लगभग 11 बजे स्वामी प्रसाद मौर्य के कार्यालय में जमा हुए, और वहां से 12 बजे नामांकन करने के लिए पुरुषोत्तम दास टंडन हाल पहुंचे।
सतीश मिश्रा और पूर्व एमएलसी अशोक सिद्धार्थ ने दो-दो सेटों में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इसके बाद सुल्तानपुर के दिनेश चंद्र और अतर सिंह राव व सुरेश कश्यप ने विधान परिषद के लिए दो-दो सेट में अपने पर्चे भरे।
राव और कश्यप पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। विधान परिषद के लिए पर्चा भरने वाले ये तीनों प्रत्याशी बसपा के समन्वयक हैं।
इस अवसर पर सतीश मिश्रा ने पत्रकारों से कहा, “बसपा नंबर एक की पार्टी है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि अमित शाह ने भाजपा और सपा के बीच मुकाबले की जो बात कही है, तो ये दोनों दल तीसरे और चौथे नंबर की लड़ाई लड़ेंगे। बसपा इन दोनों दलों से आगे है और वह नंबर एक पर रहेगी।”
गौरतलब है कि मिश्रा लगातार तीसरी बार बसपा के टिकट पर राज्यसभा पहुंचने की तैयारी में हैं। बसपा अध्यक्ष मायावती के इस कदम को ब्राह्मण वर्ग को पार्टी के पक्ष में बनाए रखने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
इसके अलावा, मायावती ने दलित समाज से डॉ. अशोक सिद्धार्थ पर दांव लगाकर दलित वोट बैंक को अधिक मजबूत करने की कोशिश की है।
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