नाटो के उपमहासचिव एलेक्जेंडर वर्शबो ने सोमवार को जुलाई में होने वाले वारसॉ शिखर सम्मेलन के लिए नाटो के मुख्य एजेंडों पर चर्चा की, जिसमें नाटो के सदस्य देशों के नेता सुरक्षा और शक्ति संतुलन को मजबूत बनाने पर महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे।
नाटो की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, एलेक्जेंडर ने अल्बानिया के तिराना में नाटो संसदीय असेंबली के वसंत सत्र को संबोधित करते हुए ये बातें कही।
उन्होंने कहा, “शिखर सम्मेलन ऐसे समय में होने जा रहा है, जबकि हमारा गठबंधन समय के गंभीर दौर से गुजर रहा है और जब हमारी सुरक्षा तथा मूल्य को दक्षिण व पूर्व से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।”
एलेक्जेंडर ने यह भी कहा कि नाटो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर विभिन्न देशों में स्थिरता बहाल करने के प्रयास तेज करेगा।
उन्होंने अल्बानिया को नाटो सदस्यता की सातवीं वर्षगांठ पर बधाई देते हुए कहा कि नाटो मोंटेनेग्रो को भी सदस्यता देने के लिए तैयार है। नाटो के 28 देशों की संसद द्वारा इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाने के बाद मोंटेनेग्रो भी इसका सदस्य बन जाएगा।
नाटो शिखर सम्मेलन वारसॉ में आठ-नौ जुलाई को होगा। इस दौरान यहां सदस्य देशों के शीर्ष नेता और राष्ट्राध्यक्ष नए सुरक्षा और शक्ति संतुलन के लिए रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
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