भोपाल, 1 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार किसानों को नुकसान नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि प्याज उपजाने वाले किसानों से सरकार छह रुपये प्रति किलो की दर से प्याज खरीदेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की मदद के लिए किसान कल्याण कोष बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह ऐलान बुधवार को राजधानी के फंदा विकास खंड की तारा सेवनिया ग्राम पंचायत में ‘ग्रामोदय से भारत उदय’ अभियान के समापन समारोह के मौके पर ग्राम संसद में किया।
इस वर्ष प्याज का ज्यादा उत्पादन होने की वजह से किसानों को लागत मूल्य भी हासिल नहीं हो पा रहा है। कई स्थानों पर किसानों ने बीते दिनों सड़क पर प्याज फेंककर अपना विरोध दर्ज कराया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेती को फायदे का धंधा बनाना चाहती है, मगर ज्यादा उत्पादन होने पर किसानों को नुकसान हो जाता है। किसानों द्वारा सड़क पर प्याज फेंके जाने का मामला सामने आया, तो वह रात भर सो नहीं पाए।
उन्होंने कहा कि किसानों का प्याज बाजार में छह रुपये किलो के भाव से बिक जाता है, तो कोई बात नहीं, लेकिन अगर बाजार का दाम छह रुपये से कम हो जाता है, तो सरकार प्याज छह रुपये प्रति किलो की दर से खरीदेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर मदद देने के लिए किसान कल्याण कोष बनाया जाएगा, ताकि उन्हें घाटा नहीं हो। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि खेती की योजना गांव में ही बने और ग्राम सभा में चर्चा हो।
उन्होंने गांव के निवासियों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में साफ -सफाई रखने, पानी बचाने, बच्चों को रोज स्कूल भेजने, बिजली की बचत करने और गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्घ है। किसानों को शून्य फीसदी के दर पर ब्याज दिया जा रहा है और अब एक लाख रुपये लेने पर सिर्फ 90 हजार रुपये लौटाने का भी प्रावधान किया गया है। किसानों पर आए संकट को देखते हुए राहत राशि के रूप में 4,600 करोड़ रुपये किसानों के खातों में दिए गए हैं और 4300 करोड़ रुपये फसल बीमा के लिए जल्द ही मिलेगा।
उन्होंने जल-संरक्षण पर जोर देते हुए कहा है कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक जलाशय अवश्य होना चाहिए। नदियों को नया जीवन देने का अभियान भी चलाया जाएगा।
उन्होंने गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आवासहीन व्यक्ति जहां रह रहा है, उसे उसकी जमीन के स्वामित्व का पट्टा देने का अभियान चलाया जाएगा। हर साल तीन लाख आवास बनाए जाएंगे। वर्ष 2022 तक कोई भी गरीब व्यक्ति बिना छत के नहीं रहेगा।
उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि सरकार पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश, छात्रवृत्ति तथा स्कूल जाने के लिये साइकिल नि:शुल्क दे रही है। शहर में पढ़ने आने वाले बच्चों को किराए का मकान देने और किराया सरकार द्वारा भरने की सुविधा दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को पंचायतों में 50 फीसदी आरक्षण देने का उत्साहजनक परिणाम रहा है। इन्हें पुलिस में 35 फीसदी और शिक्षकों की भर्ती में 50 फीसदी का आरक्षण दिया गया है।
ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के अंतर्गत बुधवार को पूरे प्रदेश में ग्राम संसदों का आयोजन किया गया। इनमें ग्राम पंचायत विकास योजनाओं को सर्वसम्मति से अंतिम रूप दिया गया। यह अभियान 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती से प्रारंभ हुआ था।
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