लखनऊ , 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से बुधवार को नौ विभिन्न देशों के दूतावासों में नियुक्त भारतीय राजनयिक (राजदूत व उच्चायुक्त) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन, उद्योग एवं शिक्षा के क्षेत्र में असीम संभावनाएं है। ब्रांडिंग से उप्र की तस्वीर बदल सकती है।
भारतीय राजनयिकों का यह प्रतिनिधिमंडल प्रदेश में विदेशी सहयोग के माध्यम से विकास की संभावनाओं पर विचार करने के लिए तीन दिवसीय दौर पर उत्तर प्रदेश आया है।
राज्यपाल राम नाईक ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि विदेशों में उत्तर प्रदेश की छवि बनाने की जरूरत है। पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन, उद्योग एवं शिक्षा के क्षेत्र में यहां असीम संभावनाएं है। ब्रांडिग से उत्तर प्रदेश को बहुत लाभ हो सकता है। आबादी के लिहाज से बड़े होने के कारण उत्तर प्रदेश को बड़े उपभोक्ता के रूप में देखा जा सकता है।
नाईक ने कहा कि विदेशों में भारत के प्रति उत्सुकता है। प्रदेश में ताजमहल एवं गंगा को देखने प्रतिवर्ष विदेशी पर्यटक आते हैं। हमारा देश प्राचीनकाल से शिक्षा एवं आध्यात्म का केन्द्र रहा है। वर्तमान में प्रदेश में इलाहाबाद विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बीएचयू आदि में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र अध्ययनरत हैं।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश से प्रतिवर्ष आईटी स्नातक शिक्षित हो रहे हैं जिनकी विदेशों में काफी मांग है। कौशल विकास से हम विदेशों के लिए अच्छी श्रम शक्ति तैयार कर सकते हैं। विदेशों में संस्कृत एवं हिन्दी के प्रति बहुत उत्साह है। उत्तर प्रदेश हिन्दी और संस्कृत को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
राम नाईक से भेंट करने वालों में विनोद कुमार उज्बेकिस्तान, राजेश कुमार सचदेवा बुल्गारिया, अजय बिसारिया पोलैण्ड, सौरभ कुमार ईरान, इन्द्रमणि पाण्डेय ओमान, सुदíशनी त्रिपाठी जार्डन, सुशील कुमार सिघल अंगोला, नगमा मलिक दारूसस्लाम एवं मनीष चौहान ताइवान शामिल थे।
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