सपा नेता चौधरी दर्शन सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में ग्राम बदनौली के परिवार रजिस्टर में ग्राम पंचायत सचिव की मिलीभगत से अपने ही भाई का नाम दर्ज किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि जिस भाई को उनके पिता ने अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था, उसी भाई ने दूसरे नाम व पंचायत सचिव से मिलीभगत करके परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया।
उन्होंने कहा है कि मामले की जांच होने पर पंचायत सचिव दोषी पाया गया था और खण्ड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ नगर हापुड़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए थे। लेकिन हापुड़ कोतवाल ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
सपा के संस्थापक सदस्य, सिंह ने जनपद हापुड़ की पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था से निराशा जताते हुए 27 जून से तहसील चौराहे पर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने अनशन करने की चेतावनी दी है।
चौधरी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि उनके पिता ने समाजवाद के खिलाफ चलने व गलत आचरण के चलते जन्म सिंह नामक अपने पुत्र को वर्ष 2006 में अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था।
उन्होंने पत्र में कहा है कि लगभग छह वर्ष से जन्म सिंह गांव में भी नहीं रह रहा था, लेकिन पिता की मौत के सात वर्ष बाद उसने ग्राम पंचायत सचिव से मिलीभगत कर ग्राम बदनौली के परिवार रजिस्टर में अपना नाम जतन सिंह दर्ज करा दिया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वरिष्ठ सपा कार्यकर्ता का सम्मान पा चुके दर्शन सिंह ने पुलिस व प्रशासन के साथ पार्टी के वर्तमान पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली से निराशा जताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह 27 जून से तहसील चौराहे पर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने अनशन शुरू करेंगे।
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