नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। उद्योग जगत ने गुरुवार को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के जांच परिणाम को सिर्फ 600 किलोमीटर के एक मार्ग से ही संबंधित बताया। एक दिन पहले ट्राई ने कहा था कि हाल में राष्ट्रीय राधानी क्षेत्र (एनसीआर) में उसके द्वारा चलाई गई जांच में अधिकतर सेवा प्रदाता कंपनियां दो फीसदी से कम कॉल ड्रॉप दर के मानक पर खरी नहीं उतर पाई।
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने गुरुवार को यहां एक बयान में कहा, “दिल्ली एनसीआर का क्षेत्रफल 46,208 वर्ग किलोमीटर है। यह परिणाम सिर्फ 600 किलोमीटर के एक मार्ग से ही संबंधित है। इसलिए ‘क्वोलिटी ऑफ सर्विस’ (क्यूओएस) जांच के परिणाम की तुलना पूरे सेवा क्षेत्र के लिए ट्राई द्वारा नियमित रूप से प्रकाशित किए जाने वाले कॉल ड्रॉप के मानक क्यूओएस से नहीं की जा सकती है।”
बयान में कहा गया है कि ट्राई की रिपोर्ट बताती है कि अधिकतर कॉल ड्रॉप चार क्षेत्रों में हुई- मध्य दिल्ली, द्वारका और आईजीआई हवाईअड्डा, गुड़गांव और मानेसर तथा नोएडा और मयूर विहार।
बयान में कहा गया है कि इस जांच का दायरा काफी सीमित है। इसलिए यह परिणाम सिर्फ कुछ ज्ञात समस्याग्रस्त क्षेत्रों का है, जहां टावर स्थापित करने के लिए जगह हासिल करना कठिन है।
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