नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मथुरा हिंसा मामले की सर्वोच्च अदालत की निगरानी में जांच की मांग की है। हिंसा में 24 लोगों की मौत हुई है।
माकपा के पोलित ब्यूरो ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा, “यह घटना राज्य और केंद्र की खुफिया इकाई की गंभीर विफलता को दर्शाती है। यह बात भी उतना ही हैरान करनेवाली है कि पुलिस ने यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर की ना कि हमारे किसी सुरक्षा तंत्र की किसी सूचना के आधार पर।”
इस बयान में कहा गया, “माकपा के पोलित ब्यूरो की मांग है कि इस मामले की जांच उच्च स्तरीय न्यायिक जांच समिति से कराई जाए, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और उन्हें सजा दी जा सके। अगर सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश को निश्चित समय सीमा के भीतर जांच का काम सौंपा जाए, तो बेहतर होगा।”
पार्टी ने कहा कि इस बात की जांच की जरूरत है कि क्या यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार के संरक्षण में देश में ‘असहिष्णुता के सामान्य माहौल’ से तो नहीं जुड़ा है, क्योंकि सरकार ने ऐसे ‘हथियारबंद गुंडों द्वारा फैलाई जा रही अराजकता’ पर ध्यान नहीं दिया और अनदेखी की, जिसका राज्य सरकार ने भंडाफोड़ किया।
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