भोपाल, 5 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संचालित अस्पतालों के कचरे का ठीक तरह से निष्पादन न होना कई बीमरियां का कारण बनता जा रहा है।
संभावना ट्रस्ट क्लीनिक की शहनाज अंसारी, प्रेम चंद्र, आनंद कुमार सुमन, अजय पटेल और अजीजा सुल्तान ने रविवार को कहा कि अस्पतालों के कचरे का असुरक्षित तरीके से निष्पादन होने के कारण भोपाल का पर्यावरण घातक रसायनों से प्रदूषित हो रहा है।
इन कार्यकर्ताओं ने यहां पर्यावरण दिवस पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “एक तरफ अस्पतालों के कचरे को सामान्य कचरे की तरह फेंक दिया जाता है, वहीं रसायनयुक्त कचरे को भस्मक (इंसीनेटर) में निष्पादित किया जाता है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने की वजह से हवा में बड़ी मात्रा में डायोक्सीन और पारा घुल जाते हैं, जो कई तरह की बीमारियों को जन्म देते हैं।”
कार्यकर्ताओं ने विभिन्न अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा, “भस्मक से निकलने वाली डायोक्सीन सबसे जहरीला रसायन है, जिसकी वजह से कैंसर, विकृति, संतानोत्पत्ति की क्षमता में कमी, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है। भोपाल में इस तरह के नुकसान की आशंका को नकारा नहीं जा सकता।”
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि वह राजधानी में अस्पतालों का कचरा निपटाने वाले तीनों भस्मकों की विधिवत जांच करे, ताकि निर्धारित मापदंडों के मुताबिक ही कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया पूरी हो सके।
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