पणजी, 7 जून (आईएएनएस)। गोवा के वन अधिकारी चाहते हैं कि किसान और वन क्षेत्रों के निकट रहने वाले लोग जानवरों को डराकर भगाने के लिए गैर घातक हथियार ‘गांधी बंदूक’ का इस्तेमाल करें।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां तक कहा कि विभाग बंदूक लाइसेंस के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना जल्द ही बंद कर देगा।
गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में यहां आयोजित एक कार्यक्रम में प्रमुख मुख्य वन संरक्षक अजय सक्सेना ने कहा, “अब मैंने बंदूक के लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को जवाब देना शुरू कर दिया है कि कृपया ‘गांधी बंदूक’ का इस्तेमाल करें। यह जानवरों को डराने के लिए आवाज बहुत करती है।”
‘गांधी बंदूक’ मूल रूप से एक धातु का सिलिंडर होता है, जिसमें सल्फर और पोटाश भरे जाते हैं और दोनों के एक साथ मिलने से तेज अवाज के साथ विस्फोट होता है, जिससे हाथी समेत जंगली जानवर डर कर भाग जाते हैं।
वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास के इलाकों में ‘गांधी बंदूक’ काफी असरदार है। ये हाथियों को दूर रखने के लिए भी प्रसिद्ध है।
सक्सेना ने कहा, “अगर आप जानवर का शिकार और उसे मार नहीं सकते हैं तो बंदूक का लाइसेंस क्यों चाहते हैं? केवल हवाई फायर करना है तो पटाखे का इस्तेमाल करें। मैं फसलों की सुरक्षा के लिए बंदूक लाइसेंस जारी करना बंद करने जा रहा हूं, क्योंकि इसके पीछे विचार अच्छे नहीं हैं।”
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