मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। विवादों में घिरी फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के सह-निर्माता अनुराग कश्यप ने कहा है कि वह पूर्व में केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड के कामकाज के ‘तानाशाहीपूर्ण तरीकों’ का विरोध कर चुके हैं और इस बार भी यह उनके अकेले की ‘जंग’ है।
अनुराग इससे पूर्व सेंसर बोर्ड के प्रमुख पहलाज निहलानी के फिल्म में पंजाब के संदर्भ को लेकर कथित आपत्तियां जताने पर उन्हें ‘सत्ताधारी’ अधिकारी करार दे चुके हैं।
अभिषेक चौबे निर्देशित ‘उड़ता पंजाब’ नशे की समस्या से जूझ रहे पंजाब का चित्रण करती है। सेंसर बोर्ड ने निर्माताओं से न केवल इसके नाम से ‘पंजाब’ हटाने बल्कि इसकी विषय सामग्री से भी राज्य का संदर्भ हटाने के लिए कहा है।
इसे कई लोगों ने सेंसर बोर्ड का राजनीति से प्रेरित कदम बताया है।
कई सर्वेक्षणों का कहना है कि पंजाब की 2.8 करोड़ आबादी में से 70 फीसदी से अधिक नशे में डूबी है।
अनुराग ने मंगलवार को ट्विटर पर निहलानी को उनके ‘तानाशाहीपूर्ण तरीकों’ के लिए आड़े हाथों लिया। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के प्रति उनकी इस नाराजगी को आप आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सही ठहराया, हालांकि अनुराग ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका ‘राजनीति से कोई संबंध’ नहीं है और यह उनकी अपनी ‘लड़ाई’ है।
उन्होंने कहा कि वह अपनी फिल्म ‘पांच’ व ‘ब्लैक फ्राइडे’ के लिए भी बोर्ड के खिलाफ खड़े हुए थे। उन्होंने कहा, “सेंसर बोर्ड से झगड़ा हमेशा से रहा है।”
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