नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। यहां एक अदालत ने गुरुवार को 2014 में डेनमार्क की महिला से दुष्कर्म के मामले में सजा की मियाद पर एक और दिन के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया। दिल्ली पुलिस ने पांचों दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
सरकारी अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार के समक्ष मामले में सजा की मियाद पर बहस करते हुए कहा कि एक विदेशी के साथ ‘जघन्य और अमानवीय ढंग से’ अपराध को अंजाम दिया गया था और ‘इन गुनहगारों ने देश की इज्जत पर कलंक लगाया है।’
उन्होंने कहा कि भारत में मेहमान को भगवान के समान समझा जाता है, लेकिन इन दोषियों ने एक विदेशी के साथ दुष्कर्म किया है। इसलिए समाज को यह संदेश दिया जाना चाहिए कि भारत में कानून की जीत होती है और अपराध करने वालों को कठोरतम सजा मिलती है।
पांचों दोषियों ने गरीब पारिवारिक पृष्ठभूमि और 20 के आसपास की उम्र का हवाला देते हुए सजा में नरमी का आग्रह किया है।
अर्जुन, राजू उर्फ छक्का, मोहम्मद राजा, महेंद्र उर्फ गंजा और राजू उर्फ बज्जी को भारतीय दंड संहिता के तहत सामूहिक बलात्कार, डकैती, अपहरण, गलत तरीके से बंधक बनाने, आपराधिक धमकी का दोषी करार दिया गया है।
न्यायाधीश ने जब फैसला सुनाया तब पांचों दोषी अदालत में ही मौजूद थे।
जनवरी 2014 में पांचों दोषियों ने एक अन्य आरोपी श्याम लाल के साथ मिलकर डेनिश महिला के साथ लूटपाट और दुष्कर्म किया था, जब वह पहाड़गंज इलाके के नजदीक अपने होटल का रास्ता पूछ रही थी।
श्याम लाल की फरवरी में तिहाड़ जेल में मौत हो गई थी। उसके खिलाफ कार्यवाही रोक दी गई थी।
इस मामले में तीन नाबालिगों पर भी किशोर न्याय बोर्ड में कार्यवाही चल रही है।
पुलिस ने कहा कि दोषी आवारा हैं जो महिला को ‘मंडल रेल अधिकारी क्लब’ के पास एक निर्जन स्थान पर ले गए और उसका सामान लूटने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया।
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