मप्र राज्यसभा चुनाव : निर्दलीय प्रत्याशी और चुनाव आयेाग की याचिका खारिज

जबलपुर, 10 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 11 जून को होने वाले चुनाव में मुंबई में इलाज करा रहे नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे को डाक मतपत्र जारी करने के जबलपुर उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले को जबलपुर उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शुक्रवार को बरकरार रखा और राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार विनोद गोटिया और चुनाव आयोग की याचिकाएं खारिज कर दी।

जबलपुर उच्च न्यायालय की खंडपीठ में दोनों याचिकाएं खारिज होने के बाद नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के डाक मतपत्र के जरिए मतदान करने का रास्ता साफ हो गया है।

याचिका के जरिये एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने बीमार कटारे को डाक मतपत्र के जरिये मतदान की अनुमति दी थी।

कटारे का इन दिनों मुंबई में इलाज चल रहा है। वह भोपाल आकर राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान में हिस्सा लेने की स्थिति में नहीं हैं। चुनाव आयोग ने कटारे को डाक मतपत्र जारी करने का निवेदन ठुकरा दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने जबलपुर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए गुरुवार को न्यायाधीश एस.के. गंगेले की एकल पीठ ने चुनाव आयोग को कटारे के लिए डाक मतपत्र जारी करने का आदेश दिया था।

एकल पीठ की ओर से जारी किए गए आदेश के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार गोटिया और चुनाव आयोग की ओर से न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व अनुराग श्रीवास्तव की द्विसदस्यीय पीठ में अलग-अलग अपील की गई थी। इन दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने विनोद गोटिया और चुनाव आयोग के तर्को को खारिज कर दिया।

कटारे की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता शशांक शेखर ने आईएएनएस को बताया कि निर्दलीय उम्मीदवार गोटिया ने अपनी चुनौती याचिका में कहा था कि विधायक को डाक मतपत्र की याचना के लिए स्वयं न्यायालय में उपस्थित होना चाहिए था, जबकि चुनाव आयोग ने डाक मतपत्र जारी करने का प्रावधान नहीं होने का हवाला दिया था। कटारे की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र तिवारी, अनिल श्रीवास्तव व शशांक शेखर ने मामले की पैरवी की।

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