नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। दक्षिण एशिया के आठ देशों की पहल साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (एसएयू) ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में अपना पहला दीक्षांत समारोह मनाया।
साल 2012 बैच के पांच संकायों-अर्थशास्त्र, कानूनी अध्ययन, जीवन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी तथा गणित-के कुल 652 छात्रों को स्नातकोत्तर की डिग्री दी गई। समारोह की अध्यक्षता नेपाल के उपप्रधानमंत्री व विदेश मंत्री कमल थापा ने की।
छात्रों को बधाई देते हुए थापा ने कहा कि एसएयू पूरे क्षेत्र की साझा आकांक्षाओं तथा समृद्धि का वसीयतनामा है।
उन्होंने कहा, “इस महान संस्थान से हम दुनिया में क्षेत्रीय सहयोग की नई इबारत लिख सकते हैं।”
कुल 31 टॉपरों में से 25 को स्वर्ण पदक देने वाले विदेश राज्य मंत्री वी.के.सिंह ने स्मरण दिलाया कि एसएयू की अवधारणा की शुरुआत ढाका में 2005 में दक्षेस के 13वें सम्मेलन के दौरान हुई थी।
उन्होंने कहा, “हमारा सामूहिक दृष्टिकोण एक यूनिवर्सिटी की स्थापना का है, जो क्षेत्र को समर्पित हो।”
मंत्री ने कहा, “यह विश्वविद्यालय सुविधा, संकाय, अकादमिक सुविधा तथा शोध माहौल के मामले में बेहतरीन होगा।”
सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास क्षेत्र के युवाओं में एक समझ की संस्कृति व क्षेत्रीय चेतना तथा उदार, उज्जवल एवं गुणवत्तापूर्ण नेतृत्व विकसित करना है। साथ ही जीवन की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा अन्य विषयों की क्षेत्र की क्षमता में इजाफा करना है।
उन्होंने कहा, “याद रखिए, दक्षिण एशियाई क्षेत्र के सभी देशों की चुनौतियां एक सी हैं और साझा क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत है। इसलिए इस यूनिवर्सिटी की स्थापना यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि हम उन संकायों व विज्ञान पर ध्यान दें जो क्षेत्र की मदद करेगा।”
एसएयू की स्थापना साल 2010 में हुई थी, जो वर्तमान में नई दिल्ली स्थित अकबर भवन परिसर से संचालित हो रही है।
एसएयू का स्थायी परिसर मैदानगढ़ी इलाके में विकसित हो रहा है, जो इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के पास स्थित है।
जब विश्वविद्यालय अपने परिसर में चला जाएगा, तब इसमें कुल 12 संकाय तथा पांच हजार से अधिक छात्र होंगे।
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