‘चार स्मार्ट शहर, 1 लाख रोजगार 2 साल में’

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। दिल्ली और मुंबई के बीच माल ढुलाई के लिए बन रहे समर्पित माल ढुलाई गलियारा के साथ स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी बसाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और प्रथम चरण में 2019 तक यानी दो साल में चार शहर बस जाएंगे और इससे लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। दिल्ली और मुंबई के बीच माल ढुलाई के लिए बन रहे समर्पित माल ढुलाई गलियारा के साथ स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी बसाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और प्रथम चरण में 2019 तक यानी दो साल में चार शहर बस जाएंगे और इससे लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड (डीएमआईसीडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) अल्केश शर्मा ने आईएएनएस से कहा, “चार शहरों -धौलेरा, ग्रेटर नोएडा, नीमराणा और उज्जैन- में काम जमीन स्तर पर शुरू हो गया है। इसके 2019 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इस तरह यहां दो साल बाद अनुमानित एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।”

उन्होंने कहा, “इन चारों शहरों के लिए सड़क और ट्रंक सर्विसिस का काम अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया है। यहां बुनियादी अवसंरचना विकसित होते ही सबसे पहले औद्योगिक भूखंड के आवंटन शुरू होंगे।”

शर्मा ने उम्मीद जताई कि “सितंबर या अक्टूबर से चारों शहरों में भूखंड आवंटन शुरू हो जाएंगे, ताकि उद्योग यहां भवन बनाने शुरू कर दें। 2018-19 में इन शहरों में उत्पादन शुरू हो जाएगा। उद्योग के साथ ही आवासीय भवनों में बसावट भी शुरू हो जाएगी।”

शर्मा ने आईएएनएस से कहा, “यहां बसने वाले चारों शहर ग्रीन फील्ड होंगे और आईएसटी बेस्ड होंगे। इनमें देश में प्रस्तावित 100 स्मार्ट सिटी की तरह ही अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। इनमें राज्य सरकार की भी बराबर की भागीदारी है।”

डीएमआईसीडीसी के सीईओ ने कहा कि पूरे शहर को इस तरह योजनाबद्ध किया गया है कि उस सिटी में रहने वाले शख्स को कार्यस्थल तक जाने में 10 मिनट से ज्यादा का वक्त नहीं लगे। आवासीय इलाका और व्यावसायिक या औद्योगिक क्षेत्र के बीच दूरी काफी कम होगी और दोनों के बीच सार्वजनिक परिवहन के इंतजाम होंगे।

उन्होंने कहा, “प्रथम चरण में आठ शहरों को बसाने की योजना तैयार की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा, हरियाणा के मानेसर बावल, राजस्थान के नीमराणा, गुजरात के धौलेरा, मध्य प्रदेश के पीतमपुर धार, महाराष्ट्र के दिघी पोर्ट और शेंद्रा-बिदकिन व राजस्थान के जोधपुर पाली-मारवाड़ शामिल हैं।”

उल्लेखनीय है कि दिल्ली और मुंबई के बीच माल ढुलाई आसान बनाने व जल्द लाने-ले जाने के लिए करीब 1,504 किलोमीटर लंबा एक रेल माल ढुलाई गलियारा बनाया जा रहा है। इस माल ढुलाई गलियारा के 100 से 150 किलोमीटर के दायरे में औद्योगिक गलियारा बनाने की योजना तैयार की गई है। माल ढुलाई गलियारा के साथ सात राज्यों में 24 शहर बसाए जाएंगे। यह पूरी परियोजना 2040 में पूरी होगी। फिलहाल आठ शहरों में योजना स्तर पर काम चल रहा है। इसके लिए 2011 में डीएमआईसीडीसी का गठन किया गया है।

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