वाशिंगटन, 13 जून (आईएएनएस)। ऑरलैंडो शहर के समलैंगिक नाइटक्लब में हुए हत्याकांड पर शोक प्रकट करने के लिए यहां व्हाइट हाउस के सामने रविवार रात को भीड़ उमड़ पड़ी। इस जघन्य नरसंहार में 50 जिंदगियां समाप्त हो गईं।
समाचार सेवा ‘वॉयस ऑफ अमेरिका’ की रपट के मुताबिक, ‘गे मेन्स कोरस ऑफ वाशिंगटन’ ने सोशल मीडिया के जरिए आयोजित एक जुलूस में शामिल होने के लिए नागरिक अधिकार गीत ‘वी शैल ओवरकम’ गाते हुए पेंसिल्वेनिया एवेन्यू तक मार्च किया।
फ्लोरिडा के फोर्ट पीयर्स के अफगान मूल के उमर मतीन (29) ने रविवार तड़के लगभग 2.00 बजे खचाखच भरे पल्स क्लब में एक राइफल और एक पिस्तौल से गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें 50 लोग मारे गए।
गायक दल ने नफरत का विरोध करती हस्तनिर्मित पट्टिकाएं थामे जलती मोमबत्तियों से बने एक अस्थायी स्मारक के चारों ओर चक्कर लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रीय गीत गाया।
भीड़ में मौजूद कई लोगों को फफक कर रोते देखा गया। एक-दूसरे के इर्द-गिर्द समलैंगिक गर्व के प्रतीक इंद्रधनुषी झंडे लपेटे साथियों ने एक-दूसरे को गले लगाया।
वाशिंगटन के एक समलैंगिक जॉन बेकर ने कहा, “यह आतंकवादी कृत्य था, जिसका मकसद समलैंगिकों के दिलों में भय पैदा करना था।”
बेकर ने कहा कि उनके बड़ा होने और अपनी पहचान से रूबरू होने के दौरान पल्स जैसे समलैंगिक क्लब सुरक्षित ठिकाने हुआ करते थे।
उन्होंने वीओए से कहा, “समलैंगिकों को हम जैसे लोगों से मिलने के लिए दशकों से ऐसी ही जगहें सुरक्षित लगी हैं। यह उन पहली जगहों में से है, जहां हमने खुद को अभिव्यक्त करने में सुरक्षित महसूस किया है। ऑरलैंडो में यह विश्वास बिखर गया।”
इस त्रासदी के तुरंत बाद सोशल मीडिया में समलैंगिक अधिकारों, आतंकवाद और बंदूक नियंत्रण को लेकर बहस छिड़ गई थी।
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने हमले की जिम्मेदारी ली है, लेकिन इसमें उसकी भागीदारी की सीमा स्पष्ट नहीं है।
जांचकर्ता आतंकवादी संगठन के साथ मतीन के संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं।
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