नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। भारत की 7,500 किलोमीटर से ज्यादा लंबे समुद्री तट, जिसमें 12 बड़े बंदरगाह और 187 मध्यम दर्जे के बंदरगाह हैं, की सुरक्षा की सभी पहलुओं की समीक्षा के लिए 16 जून को मुंबई में बैठक आयोजित की जाएगी।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह इस बैठकी अध्यक्षता करेंगे और इसमें सभी तटीय राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
इसके अलावा, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि दक्षिण एशिया में जल्द ही समुद्री मार्गो से हमले हो सकते हैं।
केंद्रीय खुफिया सूत्र ने आईएएनएस को बताया, “16 जून को भारत की समुद्री सीमा की सुरक्षा को लेकर बैठक रखी गई है। इसमें खुफिया सूचनाओं तथा अभेद्य समुद्री सुरक्षा के बीच के अंतराल को खत्म करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।”
“केंद्र सरकार इस मामले में राज्य सरकार से सलाह-मशविरा के लिए तैयार है और जरूरत पड़ी तो नए कानून बनाए जाएंगे या पुराने कानूनों को मजबूत किया जाएगा, ताकि आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपटा जाए।”
“कुछ जगहों पर कमियां हैं। खुफिया जानकारी जुटाने में मानव और तकनीकी संसाधनों की जरूरत होती है। इन सबमें सुधार करने और समय-समय पर इसकी समीक्षा करने की जरूरत है।”
राजनाथ द्वारा तटीय सुरक्षा को लेकर की गई छह जून की बैठक में इस उच्चस्तरीय बैठक की योजना बनाई गई, क्योंकि यह विभिन्न एजेंसियों और विभागों से जुड़ा मामला है।
इस बैठक में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों के अलावा केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव, लक्षद्वीप, पुद्दुचेरी और अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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