उप्र : 191 सब इंस्पेक्टरों व 486 हेड कांस्टेबलों का रिवर्शन वापस

इन पुलिसकर्मियों के रिवर्शन को पुलिस विभाग ने अपनी गलती सुधारते हुए वापस ले लिया है। रिवर्शन वापस होते ही आरक्षण समर्थकों में खुशी छा गई। सभी ने एक-दूसरों को मिठाइयां खिलाकर खुशियां बांटीं।

उप्र पुलिस मुख्यालय, इलाहाबाद (डीआईजी, स्थापना) द्वारा जारी आदेश में माना गया है कि इन सभी दलित पुलिसकर्मियों का चयन विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से मेरिट के आधार पर किया गया था। उसे विभागीय पदोन्नति न मानकर उच्च पद पर चयन माना जाएगा और तत्काल प्रभाव से 191 सब इंस्पेक्टर व 486 हेड कांस्टेबल जो रिवर्ट किए गए थे, उन्हें रिवर्शन की तारीख से उनके पूर्व पद पर स्थापित किया जाता है।

इसी प्रकार अन्य दलित पुलिसकर्मी पीएसी सहित आरआई व अन्य शाखाओं में रिवर्ट किए गए थे, उनका भी रिवर्शन आदेश वापसी की प्रक्रिया में है। इस प्रकार अभी तक 677 दलित पुलिसकर्मियों को न्याय मिल गया है।

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों ने इस आदेश का स्वागत किया है। संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पुलिस की लड़ाई के बाद अब समिति की लड़ाई उन विभागों पर केंद्रित होगी जहां पर सुप्रीम कोर्ट आदेश की आड़ में हजारों दलित कर्मियों को गलत तरीके से रिवर्ट किया गया है।

उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति उप्र सरकार से रिवर्शन किए जाने की तिथि से ही लगातार यह बात उठा रही थी कि हजारों दलित कर्मियों को गलत तरीके से रिवर्ट किया गया है और अब वह सच साबित हो रहा है।

वर्मा के मुताबिक, पहले बिजली विभाग में लगभग 400 अवर अभियंताओं का रिवर्शन वापस हुआ, 407 शिक्षकों को जो गलत रिवर्शन हुआ था, वह वापस हुआ और अब पुलिस विभाग में 677 दलित पुलिस कर्मियों जिनका रिवर्शन गलत हुआ था, वापस हुआ। यह सिद्ध करता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में हजारों दलित कर्मिकों का अलग-अलग विभागों में आरक्षण विरोधी मानसिकता वाले विभागाध्यक्षों द्वारा जानबूझकर उत्पीड़न कराया गया है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493