लखनऊ, 16 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में कैबिनेट की प्रस्तावित फेरबदल से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) की दोस्ती पर मुहर लग सकती है। गठबंधन को लेकर दोनों दलों का रुख सकारात्मक है और इसका एलान एक सप्ताह के भीतर हो सकता है।
रालोद सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन को लेकर दोनों दलों के बीच शुरुआती वार्ता उत्साहजनक रही है। शिवपाल यादव तो कई बार अजित से मिल चुके हैं। राज्यसभा सांसद अमर सिंह भी गठबंधन के लिए प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में हुए विधानपरिषद और राज्यसभा चुनावों में रालोद ने सपा प्रत्याशियों का समर्थन करके दोस्ती का संकेत दे दिया है।
कैराना में हिंदुओं के पलायन को लेकर सांसद हुकुम सिंह द्वारा जारी सूची पर अजित और जयंत चौधरी का रुख भाजपा के प्रति सपा नेताओं से भी ज्यादा आक्रामक रहा है। इसे भावी राजनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ऐसी संभावना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कैबिनेट में प्रस्तावित फेरबदल से पहले ही सपा और रालोद के बीच गठबंधन पर सहमति बन जाएगी।
रालोद सूत्रों के अनुसार, सपा से गठबंधन की स्थिति में जयंत चौधरी किसी महत्वपूर्ण विभाग के कैबिनेट मंत्री बन सकते हैं। रालोद के एक नेता का हालांकि कहना है कि सपा से गठबंधन के बावजूद रालोद सरकार में शामिल नहीं होगा।
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