भारत ने श्रीलंका स्टेडियम फिर से बनाया

नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। भारत ने श्रीलंका के जाफना शहर में स्थित दुरैअप्पा स्पोर्ट्स स्टेडियम को मरम्मत के बाद फिर से तैयार कर दिया। यह स्टेडियम कभी तमिल गृहयुद्ध का गवाह रहा है, जहां कम से कम 23 मानव कंकाल पाए गए थे।

इनमें कुछ कंकाल उन बच्चों के भी थे, जो लापता हो गए थे। उन बच्चों को गुपचुप तरीके से इस स्टेडियम में दफना दिया गया था, जिन्हें 1999 में खोजा गया।

यह स्टेडियम जाफना के एक पूर्व महापौर दिवंगत अल्फ्रेड थांबीराजा दुरैअप्पा के नाम पर है और यह श्रीलंका का तमिल बहुल शहर है, जिसे गृह युद्ध के दौरान भारी तबाही झेलनी पड़ी।

स्टेडियम की मरम्मत का काम साल 1999 में शुरू हुआ था, जब गृहयुद्ध खत्म होने के बाद इलाके में शांति का माहौल लौट आया।

श्रीलंका में साल 2002 में बाल सैनिक पर दया सोमासुंदरम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दफन किए गए बच्चों के कंकाल मरम्मत के दौरान बाहर निकाले गए। दया सोमासुंदरम उत्तरी श्रीलंका के एक प्रख्यात मनोचिकित्सक हैं।

माना गया कि ये शव उनके हैं, जिन्हें श्रीलंका के सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार किया था और बाद में कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई, जिसे कार्यकर्ताओं ने न्यायेतर हत्या करार दिया था।

स्टेडियम में दो गैलरी हैं, जिनमें 1,850 दर्शक बैठ सकते हैं। स्टेडियम का इस्तेमाल क्रिकेट छोड़कर हर तरह के खेल के लिए किया जा सकता है।

इस स्टेडियम में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई। लगभग आठ हजार लोगों ने योग किया, जबकि गैलरी में कम से कम 1,500 लोग बैठे थे।

भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, यह स्टेडियम खेल व मनोरंजन संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक आवश्यक बुनियादी सुविधा मुहैया कराएगा, जिससे उत्तरी प्रांत के विभिन्न स्कूलों व शैक्षणिक संस्थानों के 50 हजार से अधिक छात्रों को लाभ होगा।

परियोजना का उद्देश्य उत्तरी प्रांत के युवाओं के समस्त विकास में सहायता करना है।

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