मायावती ने माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय में पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों के साथ ही जोनल कोआर्डिनेटर, जिलाध्यक्ष, महासचिव, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष, बीवीएफ, बामसेफ के पदाधिकारियों और प्रत्याशियों के साथ बैठक की।
बैठक में उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना क्षेत्र से लोगों के पलायन को जिस तरह भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिकता का रंग देने का गलत प्रयास किया, वह जग-जाहिर है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार ने जिस तरह कैराना के पलायन की वास्तविकता को उजागर करने में लापरवाही व कोताही बरती, वह यह साबित करता है कि भाजपा के साथ माहौल खराब करने में उसकी स्पष्ट तौर पर मिलीभगत है। लेकिन मीडिया जगत की प्रशंसा करनी होगी कि उसने ‘पलायन’ की असली हकीकत लोगों के सामने तत्परता से रखा और भाजपा व सपा की साजिश को नाकाम कर दिया।
मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो वर्षों के कार्यकाल व उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार के चार वर्षों से अधिक के कार्यकाल को ‘जनता के खिलाफ विश्वासघाती सरकार’ की संज्ञा देते हुए कहा कि दोनों ही सरकारों ने प्रदेश की लगभग 22 करोड़ जनता को बुरी तरह से निराश किया है।
उन्हांेने कहा कि इन दोनों ही पार्टियों की सरकारों से यहां प्रदेश में खासकर सांप्रदायिकता, अराजकता व जातिवाद को काफी ज्यादा बढ़ावा मिला है, जिस कारण ही समाज के हर वर्ग के लोगों विशेषकर दलितों, पिछड़ों, किसानों, गरीबों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं, युवाओं, बेरोजगारों आदि की परेशानियां काफी ज्यादा बढ़ी हैं व उनके हित पर भी कुठाराघात करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा व प्रदेश की सपा सरकार अब तक दलितों, पिछड़ो, मुसलमानों, गरीबों, किसानों की विरोधी सरकार साबित हुई है। इसी कारण उत्तर प्रदेश के समस्त क्षेत्रों से पलायन हुआ है, क्योंकि यहां अनेक कारणों से लोगों का जीना काफी ज्यादा ही मुश्किल व पीड़ादायक हो गया है।
मायावती ने पार्टीजनों को भाजपा, सपा व कांग्रेस पार्टी द्वारा बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए हथकंडों का इस्तेमाल किए जाने के प्रति अगाह किया। मायावती ने लखनऊ मंडल के जोनल कोआर्डिनेटर पद से पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज की छुट्टी करते हुए राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक सिद्धार्थ को कानपुर के साथ ही लखनऊ मंडल का भी दायित्व सौंपा है।
बताया जा रहा है कि हरदोई की एक विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी को लेकर सही रिपोर्ट न देने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मायावती ने इंद्रजीत को लखनऊ जोन के जोनल कोआर्डिनेटर पद से हटाया है।
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