तिरुवनंतपुरम, 21 जून (आईएएनएस)। केरल के मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) विंसन एम. पॉल ने मंगलवार को यह व्यवस्था दी कि राज्य मंत्रिमंडल का हर फैसला सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे के तहत आएगा।
आरटीआई कार्यकर्ताओं के कुछ खास सवालों पर कार्रवाई करते हुए केरल के सीआईसी ने राज्य प्रशासन को 10 दिनों के अंदर गत एक जनवरी से तीन माह के अंदर हुए कैबिनेट के सभी फैसलों को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया।
पॉल हाल ही में पुलिस महानिदेशक स्तर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। केरल विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उन्हें सीआईसी नियुक्त किया गया था।
इससे पहले की ओमन चांडी सरकार ने कहा था कि राज्य मंत्रिमंडल के फैसले जब उन पर अमल हो जाए, तभी सार्वजनिक किए जा सकते हैं।
पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली नई सरकार के फैसलों से जुड़े आरटीआई याचिकाएं जब सरकार ने ठुकरा दीं तो आरटीआई कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए।
उन्होंने सीआईसी पॉल से संपर्क किया। सीआईसी ने व्यवस्था दी कि राज्य मंत्रिमंडल के फैसलों को सरकार को अपनी वेबसाइट पर 48 घंटे के अंदर प्रकाशित करने पर विचार करना चाहिए।
पॉल ने व्यवस्था ऐसे समय में दी है जब मुख्यमंत्री विजयन ने साप्ताहिक कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग की परंपरा खत्म कर दी है।
गत 25 मई को पद भार संभालने के बाद से विजयन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सिर्फ एक प्रेस ब्रीफिंग की है।
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