बीजिंग, 22 जून (आईएएनएस)। सियोल में परमाणु आपूतिकर्ता समूह (एनएसजी) के पूर्ण अधिवेशन की पूर्व संध्या पर चीन ने बुधवार को कहा कि समूह में भारत की सदस्यता एजेंडे में नहीं है क्योंकि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
बीजिंग, 22 जून (आईएएनएस)। सियोल में परमाणु आपूतिकर्ता समूह (एनएसजी) के पूर्ण अधिवेशन की पूर्व संध्या पर चीन ने बुधवार को कहा कि समूह में भारत की सदस्यता एजेंडे में नहीं है क्योंकि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “बैठक का उद्देश्य केवल एनपीटी पर हस्ताक्षर कर चुके देशों के आवेदनों पर चर्चा करना है। जहां तक गैर एनपीटी देशों के प्रवेश का सवाल है, समूह ने इसे कभी भी अपने एजेंडे में नहीं रखा।”
मंत्रालय के बयान के मुताबिक, “एनएसजी समूह ने कभी भी अपने एजेंडे में गैर एनपीटी देशों के आवेदनों को शामिल नहीं किया। इसलिए यह कहने का कोई तुक नहीं है कि चर्चा को रोका गया है।”
चीन ने 48 सदस्यीय एनएसजी में भारत के प्रवेश का यह कहकर विरोध किया है कि भारत ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
चीन ने कहा कि एनएसजी आम सहमति के सिद्धांत पर काम करता है और अगर मौजूदा सदस्य स्वीकृति देंगे तो नए सदस्य को शामिल कर लिया जाएगा।
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