कश्मीर : उप चुनाव में कम लेकिन शांतिपूर्ण मतदान (लीड-2)

अनंतनाग, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र में हो रहे उप चुनाव में कम मतदान देखा जा रहा है। अलगाववादी समूहों और आतंकवादी संगठनों द्वारा चुनाव बहिष्कार के आह्वान के बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती इस सीट पर महत्वपूर्ण चुनावी लड़ाई लड़ रही हैं।

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि दोपहर तीन बजे तक 28 फीसदी मतदान हुआ है। इससे पहले सुबह 7 बजे जब मतदान की शुरुआत हुई थी तो बहुत कम लोग मतदान केंद्र पर दिख रहे थे। पहले घंटे में केवल 4 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

लेकिन, सुबह की सुस्ती के बाद मतदान में धीरे-दीरे तेजी आने लगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें दिखने लगीं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में कम मतदान देखने को मिला है।

2014 के विधानसभा चुनावों में इस निर्वाचन क्षेत्र में 40 फीसदी मतदान हुआ था।

शहर और उसके आसपास के क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान देखा जा रहा है, हालांकि अलगाववादी और आतंकवादी संगठनों ने लोगों से मतदान में शामिल नहीं होने की अपील की है।

अधिकारी ने बताया, “सभी 102 निर्वाचन केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान जारी है। किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है।”

अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण और शहरी, दोनों केंद्रों पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है।

अनंतनाग शहर के खानाबल हाईस्कूल में दो मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां बुर्कानशीं महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचीं। कमोबेश यही स्थिति रामबीरपुरा, क्रांगसू, केहरीबल और कई अन्य जगहों पर भी रही।

ऐसा लगा मानो महिलाएं अलगाववादियों के ‘चुनाव बहिष्कार’ के आह्वान को धता बताने के लिए प्रतिबद्ध थीं।

चार अप्रैल को राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती के लिए द्विसदनीय विधायिका के किसी एक सदन का छह माह के भीतर सदस्य बनना अनिवार्य हो गया है।

जम्मू एवं कश्मीर की 87 सदस्यीय विधानसभा के अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान मुख्यमंत्री के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद करते थे, जिनकी 7 जनवरी को मौत होने के बाद इस सीट पर उप चुनाव कराया जा रहा है।

आतंकवादियों को उप चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने से रोकने के लिए पुलिस एवं अर्धसैनिक बल की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है।

इस निर्वाचन क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान करवाने के लिए सेना की तैनाती की गई है। लेकिन, बहिष्कार के आह्वान के कारण शहर पूरी तरह से बंद है।

अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है। इस शहर से गुजरने वाले श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामान्य ट्रैफिक देखा गया। पहलगाम हेल्थ रिजार्ट के लिए पर्यटकों का आवागमन भी सामान्य है।

महबूबा ने बुधवार को कई मतदान केंद्रों का मुआयना किया, लेकिन उन्होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया।

रामबीरपुरा मतदान केंद्र पर संवाददाताओं ने उनसे उनकी टिप्पणी मांगी तो उन्होंने कहा, “मैं आपसे तभी बात करूंगी, जब मेरे पास कहने को कुछ होगा।”

चुनाव मैदान में कांग्रेस के हिलाल अहमद शाह और नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के इफ्तिखार हुसैन मिसगर सहित सात अन्य उम्मीदवार हैं।

मतदान के बाद कुछ मतदाताओं ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उन्हें महबूबा मुफ्ती की जीत पर संदेह है।

शफीका बेगम (45) ने कहा, “हमें मालूम है कि वह अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों का तो समाधान नहीं कर सकती हैं, लेकिन बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, अच्छी सड़कों और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में अच्छा काम कर सकती हैं।”

शफीका का हालांकि अन्य महिलाओं की तरह यह मानना है कि अगर महबूबा मुफ्ती कम अंतर से जीतती हैं तो उनकी छवि को नुकसान होगा क्योंकि वह दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिलों में काफी लोकप्रिय हैं।

मुफ्ती परिवार नजदीकी बिजबेहरा शहर से ताल्लुक रखता है।

वोटों की गिनती 25 जून को होगी और उसी दिन परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी।

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