नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने गुरुवार को कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) को वैश्विक मानक के बराबर पहुंचने के लिए काफी प्रयास करने की जरूरत है।
उन्होंने यहां अपने मंत्रालय और भारतीय उद्योग संघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित राष्ट्रीय मानक सम्मेलन में उद्घाटन भाषण देते हुए कहा, “मानक का विकास एक डाइनैमिक प्रक्रिया है और भारतीय मानक ब्यूरो को काफी कुछ करना होगा।”
मंत्री ने कहा, “ब्यूरो को विभिन्न मंत्रालय के साथ तालमेल भी बढ़ाना होगा।”
बीआईएस उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत काम करता है। इसकी स्थापना 1946 में हुई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से दिए अपने पहले संबोधन में 15 अगस्त 2014 को कहा था, “हमें जीरो डिफेक्ट (कोई खराबी नहीं) के बारे में सोचना चाहिए। हमारे उत्पाद में कोई खराबी न हो और पर्यावरण पर हमारे उत्पाद का जीरो इफेक्ट (कोई प्रभाव नहीं) हो।”
सीतारमन ने कहा कि भारत मानक तय करने और उसे विश्वस्तरीय बनाने में सक्षम है।
उन्होंने कहा, “हमें सिर्फ वैश्विक बाजारों के लिए ही नहीं, वरन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए भी मानक की जरूरत है और चुनौती विशाल है। मैं सरकार के न्यूनतम हस्तक्षेप में भरोसा रखती हूं।”
मंत्री ने आगे कहा कि भारत को अपने सख्त मानक का विकास करने की जरूरत है, जिससे कम स्तर पर आयात को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
dharmpath.com dharmpath