कानून बनाकर हो राम मंदिर का फैसला : तोगड़िया

पटना, 25 जून (आईएएनएस)। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने यहां शनिवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण न अदालत के फैसले से होगा और न ही आपसी सहमति से। राम मंदिर का निर्माण संसद में बने कानून से होगा।

यहां संवाददाताओं से चर्चा करते हुए विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के संबंध में विहिप न्यायालय के आधार पर निर्णय नहीं चाहता है, क्योंकि न्यायालय में फैसला आने की प्रक्रिया काफी लंबी है। राम मंदिर निर्माण का फैसला सोमनाथ मंदिर निर्माण के तर्ज पर कानून बनाकर ही हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के निर्माण का फैसला भी न्यायालय से नहीं हुआ था, बल्कि यह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति का नतीजा था।

विहिप प्रमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार को अभी दो साल हुए है। उन्हें उम्मीद है कि इस सरकार के कार्यकाल में ही संसद में राम मंदिर निर्माण से संबंधित कानून पारित हो जाएगा।

तोगड़िया ने कहा कि वर्ष 1987 में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद से कानून बनाए जाने की बात कही थी।

सरकार द्वारा कानून नहीं बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब ऐसा होगा, तब वह इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे।

तोगड़िया पटना में आयोजित विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में भाग लेने के लिए यहां पहुंचे हैं।

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