शिमला, 25 जून (आईएएनएस)। माकपा की हिमाचल इकाई ने शनिवार को किन्नौर जिले में निर्माणाधीन 450 मेगावाट की शोंगटोंग-करचम सरकारी जल विद्युत परियोजना में हुए वित्तीय घोटाले और वहां तीन महीने से जारी कर्मचारियों की हड़ताल की जांच कराने की मांग की है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिवालय के सदस्य टिकेंदर सिंह पंवार ने राज्य के मुख्य सचिव वी.सी.फरका को भेजे एक औपचारिक पत्र में कहा है कि कुछ खुदाई के काम हुए हैं, जिनका संबंध परियोजना से नहीं है।
उन्होंने कहा, “क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण लोगों को मदद करने के लिए काम किए गए हैं, जिसकी गहन जांच होनी चाहिए।”
पंवार शिमला के डिप्टी मेयर भी हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के कर्मचारी मजदूरी के भुगतान नहीं होने से लेकर प्रबंधन की शह पर धमकी दिए जाने के विरोध में हड़ताल पर हैं।
पंवार ने परियोजना के महाप्रबंधक अजय पटियाल पर वित्तीय घोटाला और कर्मचारियों की हड़ताल के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया तथा निगरानी ब्यूरो से उनके खिलाफ जांच कराने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि परियोजना के कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को 101वें दिन में प्रवेश कर गई। कर्मचारी परियोजना के निर्माण कार्य कर रही कंपनी पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा श्रम कानून लागू करने की मांग कर रहे हैं।
सरकार द्वारा संचालित हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड एशियाई विकास बैंक के वित्त पोषण से इस परियोजना को मूर्त रूप दे रही है।
dharmpath.com dharmpath