नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। हरियाणा पुलिस ने एक चिकित्सक की शिकायत पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो अपनी गर्भवती पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच और बेटे के जन्म के लिए अन्य उपाय सुनिश्चित कराने के लिए उनके पास आया था।
शिकायकर्ता हिसार के ‘नेशनल फर्टिलिटी सेंटर’ के अनुराग विश्नोई ने आईएएनएस को बताया कि दिल्ली निवासी आर्यन नामक आरोपी को गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 (पीसीपीएनडीटी एक्ट) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
विश्नोई ने अपनी शिकायत में कहा कि आर्यन आनुवांशिक रोगों के निदान के लिए चिकित्सा प्रक्रिया (प्री इम्प्लांटेशन जेनेटिक डिसीसिज) के बारे में पता चलने के बाद उनकी मदद लेने आए थे। खबर है कि इस चिकित्सा प्रक्रिया से लिंग चयन के प्रयास भी किए जा चुके हैं।
विश्नोई ने कहा, “कई लोग मौखिक रूप से यही मांग करते हैं, लेकिन हमारे पास कोई सबूत नहीं था। इस व्यक्ति ने पूरा शोध किया था और उसे एक कागज पर लिखा था। इसलिए इस बार हमें सबूत मिल गया। मैंने उन्हें इंतजार करने को कहा और पुलिस को सूचित कर दिया।”
उन्होंने कहा कि हालांकि उनका क्लिनिक पीजीडी के लिए अधिकृत नहीं है, लेकिन आर्यन की मंशा साफ और गैर कानूनी थी।
विश्नोई ने बताया, “वह व्यक्ति किसी डॉक्टर की सलाह से नहीं आया था और वह बेटे के जन्म के लिए पीजीडी करवाना चाहता था। उसने थाईलैंड के बारे में भी बताया था, जहां पीजीडी की सुविधा उपलब्ध है।”
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