नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के उन 21 विधायकों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए नोटिस भेजा है, जिन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया था।
आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “14 जुलाई को लाभ का पद के मामले में 21 विधायकों की सुनवाई होगी। उन्हें आधिकारिक सूचना दे दी गई है।”
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान न होते हुए भी संसदीय सचिव के रूप में नियुक्ति को लेकर 21 विधायकों से जवाब मांगा है।
दिल्ली सरकार ने दिल्ली विधान सभा के सदस्य (रिमूवल आफ डिस्कवालिफिकेशन) अधिनियम, 1997 में संशोधन करने की मांग की थी।
इस विधेयक का उद्देश्य संसदीय सचिव के पद को लाभ के पद से छूट दिलाना था।
इसी महीने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विधेयक को नामंजूर कर दिया था, जिसके कारण इन 21 विधायकों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है।
आम आदमी पार्टी (आप) के इन 21 विधायकों पर अयोग्य घोषित किए जाने का खतरा मंडरा रहा है।
राष्ट्रपति के सम्मुख इन विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की मांग को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें कहा गया है कि उन्होंने संविधान का उल्लंघन करते हुए लाभ का पद हासिल किया था।
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