रिजवी ने प्रेसक्लब में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि वे काफी बोझिल मन से कांग्रेस से इस्तीफा दे रहे हैं।
रिजवी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे इस्तीफा की छायाप्रति पत्रकारों को उपलब्ध कराई। सोनिया को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि वह लगभग 40 वर्षो से कांग्रेस के सक्रिय सदस्य रहे। इस दौरान वे विभिन्न पदों पर निर्विवाद पदस्थ भी रहे। लेकिन जब से वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल एवं नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ने पदभार संभाला है, तब से प्रदेश कांग्रेस में असहिष्णुता का आलम है।
उन्होंने अब्दुल हमीत हयात और जयंत क्लाडियस का उदाहरण देते हुए बताया कि सबसे पहले कांग्रेस विधायक दल के स्थायी सचिव हयात को अकारण एकाएक पदमुक्त कर दिया गया, जो कांग्रेस-संविधान के विपरीत है। इसके बाद मीडिया विभाग में नियुक्त प्रदेश प्रवक्ता जयंत क्लाडियस को भी परेशान कर ऐसी उपेक्षा की नीति उनके साथ अपनाई गई कि उन्होंने प्रदेश प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया।
साथ ही एक और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमीर अली फरिश्ता ने उपेक्षा के कारण कांग्रेस भवन एवं मीडिया सेंटर में आना ही बंद कर दिया। रिजवी का आरोप है कि वरिष्ठ कांग्रेसजन भी उपेक्षा के चलते अपने घरों में ही रहने को बाध्य हैं।
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