मायावती ने सपा को ‘गुंडों की पार्टी’ करार दिया और कहा कि इस बार चुनाव में प्रदेश की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।
सूबे की कानून व्यवस्था पर मायावती ने अखिलेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश में गुंडों को संरक्षण प्राप्त है। यहां जब पुलिस और कर्मचारी खुद ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता खुद को कैसे सुक्षित समझे।
मायावती ने प्रदेश में बढ़ रहे अपराध को देखते हुए राज्यपाल और केंद्र सरकार से अपने संवैधानिक कर्तव्य निभाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सपा का गुंडों से गठजोड़ है जो कभी खत्म नहीं होगा।
मायावती ने अखिलेश सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें दम है तो वे अपनी पार्टी के सभी आपराधिक छवि वालों को जेल में डाल दें, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे। अगर उन्होंने ऐसा किया तो जेल भर जाएंगे और सपा में कोई बचा नहीं रह जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सलाह दी कि वह कानून व्यवस्था सुधारने के लिए रथ लेकर निकलें।
हाल के घटनाक्रम को लेकर भी मायावती ने सपा पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सपा ने बाहुबली मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय के बाद उससे अलगाव कर लिया, लेकिन जनता सब देख रही है।
उन्होंने कहा कि विलय के नाटक से सब यह जान चुके हैं कि सपा किसका साथ लेकर चुनाव में जीतने की तैयारी कर रही है।
मायावती ने कहा कि विधायक मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के सपा में विलय का नाटक कर इसका फायदा विधान परिषद व राज्यसभा चुनाव में उठाया गया।
उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में अब कौमी एकता दल के खिलाफ कमजोर प्रत्याशी उतारे जाएंगे।
मायावती ने भाजपा को भी निशाने पर लिया और वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया।
उन्होंने अमित शाह और नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा, “वे उत्तर प्रदेश के विकास और गरीबी दूर करने की बात करते हैं, लेकिन मैं उन्हें याद दिलाना चाहती हूं कि जब प्रदेश में भाजपा का छह वर्षो से अधिक का शासनकाल था तो उस दौरान इस पार्टी ने यूपी का कितना विकास किया, इससे जनता वाकिफ है। यूपी के लोग शाह और मोदी के झांसे में आने वाले नहीं हैं।”
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