नरसिंहपुर, 4 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवा में व्याप्त अव्यवस्था हर रोज सामने आती रहती है, जिसका एक नमूना रविवार की रात को भी देखने को मिला। नरसिंहपुर जिले में प्रसूता को जननी सुरक्षा वाहन नहीं मिला तो एक पड़ोसी महिला ने खुद रिक्शा चलकर उसे अस्पताल पहुंचाया। वाहन चालक को हटा दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर जिले के कस्बे करेली की पुरानी बस्ती में रहने वाली कामता को रविवार रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। पड़ोसी महिलाओं ने स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष फोन करके जननी सुरक्षा वाहन भेजने का आग्रह किया, लेकिन वाहन एक घंटे के बाद भी नहीं पहुंचा। रात होने के कारण कोई रिक्शा चालक भी पीड़िता को अस्पताल जाने को तैयार नहीं हुआ।
ऐसे में प्रसव पीड़ा से त्रस्त कामता की दशा पड़ोसी गुड्डी बाई से देखी नहीं गई। गड्डी बाई ने खुद रिक्शा चलाकर उसे तीन किलोमीटर दूर स्थित अस्पताल पहुंचाया। गुड्डी कहती हैं कि अगर वह ऐसा नहीं करतीं तो कामता की तबियत और बिगड़ सकती थी।
वहीं, सीएमएचओ डॉ. धाकड़ ने सोमवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान माना कि पीड़ित महिला को जननी सुरक्षा वाहन नहीं मिला। उन्होंने बताया कि दोषी चालक को हटा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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