हैदराबाद, 7 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गुरुवार को ईद उल फितर की धूम और रौनक रही।
जुड़वा शहरों के नाम से मशहूर हैदराबाद और सिकंदराबाद शहरों और तेलंगाना और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के अन्य शहरों में भी लाखों मुस्लिमों ने ईदगाहों या खुले मैदानों में नमाज अता की।
रमजान के पवित्र महीने के समापन के मौके पर सजे-संवरे पुरुष और बच्चे सुबह से ही नामजे-ईद के लिए ईदगाहों और मस्जिदों में जुटने लगे।
मुस्लिम बहुल हैदराबाद की सड़कों पर सुबह से ही रौनक नजर आने लगी।
पहले की तरह ही कुछ स्थानों पर महिलाओं को नमाज अता करने का मौका देने के लिए अलग इंतजाम किए गए थे।
इमामों ने अपने उपदेशों में मुसलमानों को रमजान की समाप्ति के बाद भी लोक और परलोक सुधारने के लिए अच्छे काम करते रहने के लिए प्रेरित किया।
इमामों ने अपने उपदेशों में सऊदी अरब की पवित्र मस्जिद मदीना के निकट आतंकवादी हमले की भी निंदा की। उन्होंने दुनियाभर के मुसलमानों में एकता के प्रसार के लिए दुआ की।
हैदराबाद की ऐतिहासिक मीर आलम ईदगाह में सबसे बड़ा हुजूम उमड़ा।
पुलिस ने ईद की नमाज के सुचारु संचालन के व्यापक इंतजाम के तहत यातायात पर प्रतिबंध लगाया था।
व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैदराबाद के पुलिस आयुक्त महेंद्र रेड्डी ने कहा कि शहर में नमाज के शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संचालन के लिए 10,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था।
हर मुसलमान परिवार ने इस्लाम के नियम के अनुसार नमाज से पहले हर सदस्य की ओर से फितरा यानी सौ रुपये दान में दिए।
नमाज के बाद मुसलमान अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को शुभकामनाएं देने के लिए उनके घर गए। मेहमानों को शीर कोरमा और अन्य पकवान खिलाए गए।
दोनों राज्यों के राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हा, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, आंध्र प्रदेश के उनके समकक्ष एन. चंद्रबाबू और विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने मुसलमानों को बधाई दी।
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