कर्नाटक : पुलिस अधिकारी की आत्महत्या की जांच का आदेश

बेंगलुरू, 8 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को उप पुलिस अधीक्षक एम.के.गणपति (51) की अस्वाभाविक मौत की एक जांच का आदेश दिया। यहां से 270 किलोमीटर दूर कोडागू जिले के माडिकेरी में गुरुवार को उन्होंने कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी।

मुख्यमंत्री सिद्धराम्मया ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मुझको गुरुवार की रात को माडिकेरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद मैंने डीएसपी (गणपति) की मौत की एक सीआईडी जांच का आदेश दिया है। मैं इससे दुखी हूं।”

कमर में सर्विस रिवॉल्वर के साथ पंखे से लटकती हुई गणपति का शव जिस पुलिसकर्मी को मिली, उसने मौत और उनके द्वारा इस तरह के अतिवादी कदम उठाने के कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया।

सिद्धारमैया ने कहा, “कमरे से मिले गणपति के सुसाइड नोट का जांच दल अध्ययन करेगा। हालांकि मुझे यह जानकारी नहीं है कि उन्होंने क्या लिखा है, लेकिन उसकी विषय वस्तु की भी जांच की जाएगी। सीआईडी की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार कार्रवाई करेगी। वैसे मुझे भी जानकारी मिली कि उन्होंने दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और एक मंत्री के नामों का जिक्र किया था।”

फांसी लगाकर आत्महत्या करने से पहले गणपति ने एक निजी समाचार चैनल को एक साक्षात्कार दिया था, जिसमें उन्होंने परेशान करने के लिए भारतीय पुलिस सेवा के दो अधिकारियों और एक मंत्री को जिम्मेवार ठहराया था और उन्हें आखिरी कदम उठाने को प्रेरित करने की बात कही थी।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “समाचार चैनल से फुटेज मिलने और उसकी विषय वस्तु का विश्लेषण करने के बाद जांच दल साक्षात्कार की भी जांच करेगा।”

गणपति ने परेशान करने और कई आपराधिक व भ्रष्टाचार मामलों में दबाव बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) ए.एम. प्रसाद, लोकायुक्त पुलिस महानिरीक्षक प्रणब मोहंती और कोडागू जिले के रहने वाले बेंगलुरू विकास मंत्री और पूर्व गृह मंत्री के.जे. जॉर्ज के नाम लिए थे।

गणपति हालांकि मंगलुरू स्थित पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालय में पदस्थापित थे, लेकिन गुरुवार की सुबह वह माडिकेरी आए और बस स्टॉप के निकट एक लॉज में ठहरे थे। अपराह्न् में उन्हें वर्दी में बाहर जाते देखा गया था।

साक्षात्कार के बारे में गणपति से पूछताछ के लिए स्थानीय पुलिस जब लॉज पहुंची तो रिसेप्शनिस्ट ने उन्हें कमरे में पंखे से लटकता पाया।

चिकमंगलूर (ग्रामीण) के उप पुलिस अधीक्षक कलप्पा हांडीबाग (34) ने यहां 500 किलोमीटर दूर बेलागावी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। तीन दिन बाद इस सप्ताह इस तरह की यह दूसरी घटना है।

गत मई महीने में गणपति को पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया था।

एक पुलिस सूत्र ने आईएएनएस से कहा, “साक्षात्कार में उसने (गणपति) घोषणा की थी कि भविष्य में अगर उसे कुछ होता है तो इसके लिए जॉर्ज, मोहंती और प्रसाद जिम्मेवार होंगे।”

गणपति 1991 बैच का राज्य कैडर का एक पुलिस अधिकारी थे और खेल कोटे से पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। वह माडिकेरी के निकट एक छोटे गांव सिद्धापुर के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी पावना और दो बेटे हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493