जौनपुर जिले के बरसठी से विधायक रहे रवींद्रनाथ त्रिपाठी ने जिला मुख्यालय ज्ञानपुर में पत्रकारों से बातचीत में बसपा प्रमुख मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने एक नारा भी दिया- ‘जिसकी जितनी थैली भारी, उसकी उतनी रिश्तेदारी’।
त्रिपाठी ने कहा, “पार्टी में टिकट बेचने का धंधा हो रहा है। संगठन बस नाम के लिए है। पार्टी में सिर्फ बहन जी का राज चलता है। टिकट की आड़ में दौलत बटोरी जा रही है। बसपा टिकट बेचने की एक दुकान बनकर रह गई है। कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं है। इसलिए मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।”
वर्ष 2007 से 12 तक जौनपुर के बरसठी से बसपा विधायक रहे रवींद्रनाथ त्रिपाठी पिछले विधानसभा चुनाव में भदोही सीट से दूसरे स्थान पर रहे। जनकल्याण के बजाय बेजान मूर्तियों को ज्यादा तरजीह दिए जाने के कारण इस चुनाव में बसपा के हाथ से सत्ता फिसल गई थी। पार्टी अब मूर्तियां न बनवाने की कसम खाकर फिर से सत्ता हासिल करने के लिए हाथ-पैर पार रही है। मगर एक के बाद भरोसेमंद नेता पार्टी छोड़ने लगे हैं।
त्रिपाठी किस दल का दामन थामेंगे, इसका अभी उन्होंने संकेत नहीं दिया है। उन्हें भाजपा नेता दीनानाथ भास्कर के साथ देखा गया है, इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि वह भाजपा में जा सकते हैं।
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