भुवनेश्वर, 9 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने दालों (दाल) की ऊंची कीमतों पर लगाम लगाने के लिए व्यापारियों के साथ काम करने का निर्देश जिला कलेक्टरों को दिए हैं। क्योंकि मूल्यवर्धित कर को एक प्रतिशत करने के बाद भी दाल की कीमतों में कमी नहीं आई है।
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण (एफएस और सीडब्ल्यू) सचिव प्रदीप्त कुमार महापात्र ने शनिवार को जिला कलेक्टरों को लिखे एक पत्र में कहा है, “यह देखने को मिला है कि अरहर की कीमतों में कुछ हद तक कमी आई है, लेकिन अन्य दालों की कीमतें वैट घटाने के बाद भी यथावत बनी हुई हैं।”
राज्य सरकार ने दालों की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उनपर पहली जुलाई से वैट को पांच प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दिया है। कारोबारियों ने हालांकि वैट को बिल्कुल समाप्त करने की मांग की है, जैसा कि लगभग अन्य 22 राज्यों में किया गया है।
राज्य सरकार इन उपभोक्ता वस्तुओं से सालाना लगभग 45 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाती है।
महापात्रा ने कहा कि महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में जहां से दालें खरीदी जा रही हैं, वहां कायम महंगाई के कारण ओडिशा में कीमतें प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा, “पता चला है कि सुखाड़ और राज्यों में बेमौसम बारिश के कारण दालों का उत्पादन कम हुआ है, और इसकी वजह से आपूर्ति में गिरावट आई है।”
महापात्रा ने कहा है, “विभिन्न दालों की मूल कीमत, थोक कीमत और खुदरा कीमत पर लगाम लगाने के लिए अपने जिले के व्यापारियों के साथ बैठक करने का आपसे अनुरोध किया जाता है, ताकि उचित मुनाफे के साथ उपभोक्ताओं को दालें उपलब्ध कराई जा सकें।”
उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि वे नागरिक आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश दें कि सामान्य स्थिति बहाल होने तक वे कीमतों पर बराबर नजर रखें।
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