एडीपीसी के साथ करार से आपदा जोखिम कम होगा : नीतीश

पटना, 11 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां सोमवार को कहा कि एशियन डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस सेंटर (एडीपीसी) के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने से बिहार में आपदा जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति पर नियंत्रण असंभव है, लेकिन आपदा के दुष्प्रभावों को जरूर कम किया जा सकता है। इसके लिए सजग रहना और राहत-बचाव के लिए तैयार रहना जरूरी है।

बिहार में आपदा जोखिम कम करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। इस रोडमैप के क्रियान्वयन के लिए तथा तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए एडीपीसी के साथ एमओयू पर हस्तारक्षर किए गए।

राज्य सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ब्यास जी एवं एडीपीसी की ओर से कार्यपालक निदेशक जिंगजई हन्चनलास ने हस्ताक्षर किए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू से आपदा जोखिम कम करने की दिशा हम एक कदम और आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि बिहार ऐसा राज्य है जो बाढ़, सूखा, भूकंप, अगलगी और चक्रवाती तूफानों जैसी आपदाओं को झेलता है। आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन आपदा का दुष्प्रभाव कम से कम कर सकें, इस पर काम हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ की वजह बारिश नहीं है। वर्ष 2005 से बारिश में लगातार कमी आ रही है। पिछले 10 वर्षो के दौरान दो वर्षो को छोड़कर कभी भी सामान्य वर्षा नहीं हुई है। जलस्तर नीचे जा रहा है। फिर भी बाढ़ आती है। इसकी वजह नेपाल से आने वाली नदियां हैं। बिहार में बाढ़ राज्य की समस्या न होकर अंतर्राष्ट्रीय विषय है।

उन्होंने कहा कि एक ही समय में राज्य का एक हिस्सा बाढ़ की चपेट में रहता है तो दूसरे हिस्से में सूखा रहता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई काम किए गए हैं। सरकार ‘स्टैंर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजियर’ बनाया है। भूकंप, वज्रपात, अगलगी एवं अन्य आपदाओं में पीड़ित परिवारों को मुआवजा भुगतान की राशि तथा अन्य सहायता 24 घंटे के अंदर उपलब्ध कराई जा रही है।

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