नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। अगले महीने ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जनेरियो में होने वाले खेलों के महाकुंभ ओलम्पिक के लिए मंगलवार को भारतीय महिला हॉकी टीम की घोषणा कर दी गई और भारतीय टीम के कोच आस्ट्रेलिया के निल हॉगुड का मानना है कि यह इस देश की सर्वश्रेष्ठ टीम है और उनकी कोशिश ओलम्पिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने की होगी।
नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। अगले महीने ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जनेरियो में होने वाले खेलों के महाकुंभ ओलम्पिक के लिए मंगलवार को भारतीय महिला हॉकी टीम की घोषणा कर दी गई और भारतीय टीम के कोच आस्ट्रेलिया के निल हॉगुड का मानना है कि यह इस देश की सर्वश्रेष्ठ टीम है और उनकी कोशिश ओलम्पिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने की होगी।
उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला हॉकी टीम 36 वर्षो के अंतराल के बाद ओलम्पिक खेलों में वापसी करेगी।
हॉगुड ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा, “हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे। हमारा काम क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना है। हमारे क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीद है।”
भारतीय टीम ने हरियाणा की रितू रानी के नेतृत्व में तीन दशक बाद ओलम्पिक में जगह बनाई थी। लेकिन रितू को विवादित तरीके से टीम से बाहर कर दिया गया है। खराब प्रदर्शन और हॉकी इंडिया (एचआई) के अधिकारियों से दुर्व्यवहार का आरोप लगने के बाद रितू ने अभ्यास शिविर बीच में ही छोड़ दिया था।
टीम के कोच से जब पूछा गया की क्या उन्हें रितू जैसी अनुभवी खिलाड़ी की कम खलेगी, इसके जवाब में आस्ट्रेलिया के इस पूर्व ओलम्पियन ने कहा, “नहीं, उनकी गैरमौजूदगी का कोई असर टीम पर नहीं पड़ेगा। टीम में भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। हमारी टीम काफी मजबूत है। मेरा काम इन 16 खिलाड़ियों को तैयार करना है। पांच महीनों के कड़े अभ्यास के बाद हमारे पास यह सर्वश्रेष्ठ टीम है।”
हॉगुड ने कहा कि यह टीम जानती है कि उन्हें कड़ी मेहनत करनी है और इसे ही उन्होंने टीम की ताकत बताया।
उन्होंने कहा, “यह टीम जानती है कि उन्हें कड़ी मेहनत करनी है। उन्हें हालांकि यह समझने में थोड़ा समय लगा। आपको काफी मेहनत करनी पड़ती है, हर दिन हर पल मेहनत करना जरूरी है। अभ्यास करना, खाना, सोना यह पूरी प्रक्रिया है। एक ओलम्पियन होने का मतलब है आप एक ‘फुल पैकेज’ हों।”
टीम को ऐतिहासिक मुकाम दिलाने वाले कोच ओलम्पिक खेलने वाली हर टीम को मजबूत प्रतिद्वंद्वी मानते हैं। उन्होनें हालांकि अर्जेटीना को सबसे कड़ा प्रतिद्वंद्वी बताया।
उन्होंने कहा, “हर टीम हमारे लिए खतरा बन सकती है। अर्जेटीना मजबूत टीम है, उसके बाद आस्ट्रेलिया और फिर ग्रेट ब्रिटेन।”
रियो ओलम्पिक में भारतीय महिला टीम को ग्रुप-बी में रखा गया है। उसके साथ इस ग्रुप में चैम्पियंस ट्रॉफी की विजेता अर्जेटीना, आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जापान और अमेरिका है। भारतीय टीम सात अगस्त को जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
हॉगुड का मानना है कि टीम को अभी भी हर क्षेत्र में काम करने की जरूरत है चाहे वो अटैक हो या डिफेंस।
हॉगुड ने कहा, “हमें हर जिम्मेदारी को सही तरीके से करने की जरूरत है। अटैक, डिफेंस, पेनाल्टी कॉर्नर सभी रणनीतियों पर काम करना है। हमें याद रखना है कि हम इनका सही तरीके से पालन कर सकें।”
ओलम्पिक क्वालीफाई करने के सफर पर हॉगुड ने कहा कि यहां तक आना सुखद अनुभव है।
कोच ने कहा, “यह शानदार सफर था। यह टीम चार साल पहले ओलम्पिक में क्वालीफाई करने से चूक गई थी। अब इस टीम को अच्छे प्रदर्शन का पुरस्कार मिला है। यह देखना बेहतरीन था। टीम ने जब क्वालीफाई किया तो मुझे हैरानी नहीं हुई थी।”
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