मुंबई, 13 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग ने बुधवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) सहित 191 राजनैतिक दलों की राज्य में मान्यता रद्द कर दी। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।
राज्य के निर्वाचन आयुक्त जे. एस. सहरिया ने कहा कि इन दलों की मान्यता इसलिए रद्द की गई क्योंकि इन पार्टियों ने अपनी आय और उस पर दिए जाने वाले कर का विवरण तथा लेखा-जोखा समयसीमा के भीतर पेश नहीं किया।
सहरिया ने कहा कि यह कदम सभी दलों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए समान व्यवस्था बनाने और धनबल का प्रयोग रोकने के उद्देश्य से उठाया गया।
महाराष्ट्र में इस समय 17 प्रमुख राजनीतिक दल हैं, जबकि छोटे-मोटे दलों की संख्या 342 है।
इन छोटे दलों में से 326 पार्टियों को राज्य निर्वाचन आयोग ने नोटिस भेजकर नियमों का पालन करने की हिदायत दी थी, लेकिन एमआईएम सहित अधिकतर पार्टियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
सहरिया ने आगे बताया कि इसीलिए अंतत: इन दलों की मान्यता रद्द करने का निर्णय लिया गया।
एमआईएम के अलावा हैदराबाद की लोकसत्ता पार्टी और दूसरे राज्यों के चार अन्य दलों की मान्यता भी रद्द हुई है, जिनमें सोशलिस्ट पार्टी, पीस पार्टी (उत्तर प्रदेश), आरपीआई (खोब्रागाडे) और गोंडवाना रिपब्लिक पार्टी (छत्तीसगढ़) शामिल हैं।
एमआईएम अपने ऊपर लगे प्रतिबंध को चुनौती देने की योजना बना रही है। महाराष्ट्र में एआईएमआईएम के दो विधायकों में से एक इम्तियाज जलील ने कहा कि पार्टी चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने ट्वीट किया, “खातों का लेखा-जोखा पेश न कर पाने के कारण एआईएमआईएम पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ पार्टी महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग को याचिका सौंपेगी।”
पार्टी सूत्रों ने कहा कि वे लगाए गए प्रतिबंध के फैसले का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की कानूनी सलाहकार टीम आदेशों का अध्ययन करेगी और उचित कदम उठाएगी।
एमआईएम का मुख्यालय हैदराबाद में है और 2014 में महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी दो सीटें जीतने में सफल रही थी।
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